LPG Gas Crisis: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध की स्थिति के बावजूद केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर एलपीजी सिलेंडर की अनावश्यक बुकिंग न करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें।
इस संबंध में गुरुवार को आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, पोत, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सरकार पश्चिम एशिया के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा, विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स से जुड़े सभी पहलुओं की नियमित निगरानी की जा रही है।
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देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कर रहीं काम

अधिकारियों के अनुसार भारत में कुल 22 रिफाइनरियां संचालित हो रही हैं और वर्तमान में ये सभी उच्च क्षमता पर उत्पादन कर रही हैं। कई रिफाइनरियां तो 100 प्रतिशत से भी अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे देश में ईंधन की उपलब्धता बनी हुई है।
भारत रोजाना लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत करता है और रिफाइनिंग क्षमता के मामले में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश है। हालांकि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका बनी हुई है, लेकिन सरकार का कहना है कि भारत अब 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात करता है। इनमें से लगभग 70 प्रतिशत तेल होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा अन्य मार्गों से आता है। देशभर में करीब एक लाख पेट्रोल पंप संचालित हैं और सभी स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल का स्टॉक उपलब्ध है।
प्राकृतिक गैस के लिए वैकल्पिक इंतजाम
सरकार ने यह भी बताया कि यदि प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित होती है तो उसके लिए वैकल्पिक स्रोतों और मार्गों से गैस खरीदने की व्यवस्था की गई है। इसी उद्देश्य से 9 मार्च को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश भी जारी किया गया है, ताकि जरूरत के मुताबिक प्राथमिकता के आधार पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
एलपीजी उत्पादन में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी
भारत अपनी कुल एलपीजी खपत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से करीब 90 प्रतिशत आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होती है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। 9 मार्च को जारी एलपीजी नियंत्रण आदेश के तहत सभी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा गया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले पांच दिनों में घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
देशभर में 25 हजार से अधिक एलपीजी वितरक मौजूद हैं और फिलहाल कहीं भी सिलेंडर की कमी की सूचना नहीं है। रोजाना करीब 50 लाख एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है। हालांकि हाल के दिनों में घबराहट के कारण सिलेंडर बुकिंग में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है, इसलिए सरकार ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है।
गैर-घरेलू एलपीजी के लिए नई व्यवस्था
गैर-घरेलू एलपीजी की आपूर्ति में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी आवंटन की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति में इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। सरकार ने व्यावसायिक एलपीजी की औसत मासिक मांग का 20 प्रतिशत ही फिलहाल आवंटित करने का निर्णय लिया है, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके।
वैकल्पिक ईंधन विकल्प भी किए गए सक्रिय
एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए सरकार ने वैकल्पिक ईंधन विकल्पों को भी सक्रिय कर दिया है। केरोसीन को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और पेट्रोल पंपों के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा औद्योगिक और व्यावसायिक उपयोग के लिए फ्यूल ऑयल भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
पर्यावरण मंत्रालय ने राज्यों को सलाह दी है कि एक महीने के लिए रेस्तरां और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बायोमास, आरडीएफ पेलेट, केरोसीन या कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग की अनुमति दी जा सकती है।
बंदरगाह और शिपिंग संचालन सामान्य
पोत, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि देश के सभी बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य रूप से जारी है। एलपीजी लेकर आने वाले जहाजों को प्राथमिकता के आधार पर बर्थिंग दी जा रही है और लॉजिस्टिक्स से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। वर्तमान में फारस की खाड़ी क्षेत्र में 28 भारतीय ध्वज वाले जहाज संचालित हो रहे हैं, जिनमें 778 भारतीय नाविक सवार हैं। सरकार इन जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखे हुए है।
विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा पर नजर
विदेश मंत्रालय के अनुसार खाड़ी देशों और ईरान में स्थित भारतीय दूतावास वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के संपर्क में हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें वाणिज्यिक उड़ानों और वीजा संबंधी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
अफवाहों से बचने की अपील
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मीडिया और आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों से सावधान रहें और केवल प्रमाणित जानकारी ही साझा करें। साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी रोकने और आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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