Anti paper leak bill: लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध समाप्त! कल एंटी पेपर लीक बिल पर होगी व्यापक और विस्तृत चर्चा

लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच बना गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की सार्थक पहल और सभी दलों के फ्लोर लीडर्स के साथ हुई चर्चा के बाद, मंगलवार को एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर विस्तार से बहस होने पर सहमति बन गई है।

Anti paper leak bill

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 27, 2026

Anti paper leak bill: संसद के निचले सदन लोकसभा में पिछले कुछ दिनों से लगातार चल रहा सरकार और विपक्ष के बीच का गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। बहुचर्चित और संवेदनशील पेपर लीक से जुड़े नए विधेयक पर मंगलवार (28 जुलाई 2026) को सदन में विस्तार से चर्चा होगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की सार्थक पहल और सूझबूझ के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष समेत सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने मंगलवार से इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा शुरू करने पर अपनी पूर्ण सहमति जता दी है। इस राजनीतिक सहमती के बाद संसद में अटके पड़े एक अहम विधायी कार्य के आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।

स्पीकर ओम बिरला ने फ्लोर लीडर्स से की बातचीत

बताते चले कि, सदन की कार्यवाही के दौरान गतिरोध को पाटने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों के नेताओं से खास अपील की थी। उन्होंने सदन को याद दिलाया कि यह विषय देश के करोड़ों विद्यार्थियों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता व पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर राजनीति से ऊपर उठकर व्यापक और सार्थक चर्चा होना बेहद जरूरी है। स्पीकर की इस सकारात्मक पहल के बाद उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। इसके परिणामस्वरूप दोनों पक्षों ने परिपक्वता दिखाते हुए मंगलवार को विधेयक पर विस्तृत चर्चा कराने का निर्णय लिया, जिससे संसद में संवाद और सहमति की स्वस्थ परंपरा को भारी बल मिला है।

मंगलवार को विधेयक के प्रावधानों पर संशोधन रखेंगे विभिन्न दल

आपको बता दें कि यह नया विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, संगठित परीक्षा माफिया और अन्य सभी अनुचित साधनों पर प्रभावी और कठोर रोक लगाने के मुख्य मकसद से लाया गया है। मंगलवार को होने वाली इस उच्च-स्तरीय चर्चा के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर अपने बहुमूल्य सुझाव और संशोधन सदन के पटल पर रखेंगे। चर्चा पूरी होने के बाद सरकार इन सुझावों पर अपना आधिकारिक जवाब देगी और अंत में इस महत्वपूर्ण कानून को सदन की अंतिम स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। स्पीकर ओम बिरला के इस सफल प्रयास ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर संवाद ही लोकतंत्र की ताकत है।

नीट पेपर लीक के देशव्यापी विरोध के बाद लाया गया है यह विधेयक

गौरतलब है कि देश भर में नीट पेपर लीक के खिलाफ कई सप्ताह तक चले व्यापक और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार (27 जुलाई) को लोकसभा में यह पेपर लीक विरोधी बिल पेश किया था। जब मंत्री ने यह विधेयक सदन में रखा, तो सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर इसका जोरदार स्वागत किया था। हालांकि, लोकसभा स्पीकर ने विधेयकों पर संशोधन प्रस्तुत करने के लिए दोपहर एक बजे तक का समय निर्धारित किया था, लेकिन विपक्षी दलों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के चलते सोमवार को इस पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी थी। अब सबकी निगाहें मंगलवार की कार्यवाही पर टिकी हैं, जहां देश की सबसे बड़ी परीक्षा सुधार नीति पर संसद में आर-पार की बहस देखने को मिलेगी।