Lok Sabha Ruckus: लोकसभा में 4 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान हंगामा देखने को मिला। इस घटना के बाद बीजेपी की 11 महिला सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक साझा पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने कुछ विपक्षी सांसदों के कृत्यों पर गंभीर आपत्ति जताई और स्पीकर से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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स्पीकर ओम बिरला की तारीफ

पत्र में सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सदन की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने में धैर्य और मजबूती दिखाई। सांसदों ने बताया कि उस दिन सदन में जो कुछ हुआ, वह बेहद दुखद और शर्मनाक था। उनका कहना था कि स्पीकर ने सदन में अनुशासन बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए और सांसदों को बिना भेदभाव के बोलने का मौका दिया।
विपक्षी सांसदों का अनुशासनहीन व्यवहार
बीजेपी महिला सांसदों ने पत्र में आरोप लगाया कि विपक्ष की कुछ महिला सांसदों ने सदन में अनुशासनहीनता दिखाई। उन्होंने नारेबाजी की, सदन के ‘वेल’ में प्रवेश किया, टेबलों पर चढ़ीं और कागज फाड़कर स्पीकर की ओर फेंके। इसके साथ ही, उन्होंने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर प्रधानमंत्री की सीट के पास तक जाने की कोशिश की और ट्रेजरी बेंच के पास भी गईं, जहां वरिष्ठ मंत्री बैठे थे।
सांसदों ने यह भी बताया कि कुछ विपक्षी सांसद स्पीकर के कक्ष की तरफ भी गए और वहां से तेज आवाजें सुनाई दीं। इस तरह की घटनाओं को संसदीय लोकतंत्र के इतिहास के काले पलों में गिना जा सकता है, क्योंकि इससे लोकसभा की पवित्रता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचता है।
बीजेपी सांसदों ने संयम दिखाया
पत्र में कहा गया कि इन घटनाओं से बीजेपी की महिला सांसदें नाराज और परेशान थीं। इसके बावजूद, उन्होंने अपने वरिष्ठ नेताओं के कहने पर संयम बनाए रखा और कोई जवाबी कदम नहीं उठाया। उनका कहना था कि अगर तत्काल संयम नहीं दिखाया जाता, तो परिस्थितियां और बिगड़ सकती थीं।
स्पीकर से की गई कार्रवाई की मांग
बीजेपी महिला सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला से अनुरोध किया कि नियमों के तहत उन विपक्षी सांसदों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए जिन्होंने सदन में अनुशासन तोड़ा। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यवहार से लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा पर प्रश्न उठता है और संसद की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है।
पत्र के अंत में सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के अब तक के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने लिखा कि पिछले सात सालों में स्पीकर ने सदन की गरिमा बनाए रखने और कामकाज को बेहतर बनाने का प्रयास किया है। सांसदों ने भरोसा जताया कि ओम बिरला के नेतृत्व में लोकसभा लोकतांत्रिक मार्गदर्शन के साथ आगे बढ़ रही है।









