Lionel Messi Lawsuit : धोखाधड़ी या मजबूरी? जानिए क्यों मेसी पर ठोका गया 65 करोड़ का जुर्माना

अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी 2026 वर्ल्ड कप से पहले एक बड़ी कानूनी मुसीबत में फंस गए हैं। मियामी की एक कंपनी ने मेसी और अर्जेंटीना फुटबॉल संघ पर अनुबंध उल्लंघन का आरोप लगाते हुए 65 करोड़ रुपये का मुकदमा दायर किया है। आखिर क्यों मेसी ने मैच खेलने से इनकार किया? जानिए पूरी रिपोर्ट।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 16, 2026

Lionel Messi Lawsuit :फुटबॉल की दुनिया के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मेसी के लिए आगामी वर्ल्ड कप बेहद भावुक और ऐतिहासिक होने वाला है। अर्जेंटीना की जर्सी में इसे मेसी का ‘लास्ट डांस’ यानी आखिरी बड़ा स्टेज माना जा रहा है। जहां पूरी दुनिया उन्हें एक बार फिर विश्व विजेता के रूप में विदा करने का सपना देख रही है, वहीं मैदान के बाहर वे एक बड़ी कानूनी मुसीबत में फंस गए हैं। मियामी के एक इवेंट प्रमोटर ‘विड म्यूजिक ग्रुप’ ने मेसी और अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) के खिलाफ 7 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 65.34 करोड़ रुपये) के हर्जाने का केस दर्ज किया है।

क्या है विवाद: 30 मिनट मैदान पर रहने का था करार

विवाद की जड़ में वह कॉन्ट्रैक्ट है जो पिछले साल अक्टूबर में दो फ्रेंडली मैचों के लिए हुआ था। ‘विड म्यूजिक ग्रुप’ का आरोप है कि उन्हें अक्टूबर 2025 में वेनेजुएला और प्यूर्टो रिको के खिलाफ अर्जेंटीना के मैचों को प्रमोट करने और आयोजित करने के विशेष अधिकार मिले थे। एग्रीमेंट की एक प्रमुख शर्त यह थी कि लियोनेल मेसी को हर मैच में कम से कम 30 मिनट तक मैदान पर मौजूद रहना होगा, बशर्ते वे चोटिल न हों। प्रमोटर्स का कहना है कि मेसी की ब्रांड वैल्यू के आधार पर ही उन्होंने टिकटों की बिक्री, ब्रॉडकास्टिंग और स्पॉन्सरशिप से मोटी कमाई की योजना बनाई थी।

चोट का बहाना या धोखा? इंटर मियामी के लिए खेलने पर उठे सवाल

मामला तब बिगड़ा जब 10 अक्टूबर को वेनेजुएला के खिलाफ हुए मैच में मेसी मैदान पर नहीं उतरे। आयोजकों का दावा है कि मेसी ने उस दिन नहीं खेलकर कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन किया। विवाद को हवा तब मिली जब मेसी इस मैच के ठीक अगले दिन अपनी क्लब टीम ‘इंटर मियामी’ के लिए मैदान पर उतरे और शानदार दो गोल दागे। इस घटनाक्रम ने उनकी कथित ‘इंजरी’ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विड म्यूजिक ग्रुप का आरोप है कि मेसी ने जानबूझकर फ्रेंडली मैच को नजरअंदाज किया, जिससे आयोजकों को टिकट बिक्री और स्पॉन्सरशिप में भारी नुकसान उठाना पड़ा।

वेन्यू में बदलाव और टिकटों की कम बिक्री का संकट

सीरीज का दूसरा मैच 14 अक्टूबर को प्यूर्टो रिको के खिलाफ खेला गया, जिसमें मेसी शामिल हुए थे। हालांकि, यह मैच भी विवादों से मुक्त नहीं रहा। शुरुआत में यह मुकाबला शिकागो में होना था, लेकिन सुरक्षा कारणों और टिकटों की बेहद कम मांग के चलते इसे अंतिम समय में फ्लोरिडा शिफ्ट कर दिया गया। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) का तर्क है कि वेन्यू बदलने और छोटे स्टेडियम में मैच होने की वजह से उम्मीद के मुताबिक रेवेन्यू नहीं मिल पाया। आयोजकों ने दर्शकों को लुभाने के लिए टिकट की कीमत घटाकर $25 तक कर दी थी, फिर भी स्टेडियम हाउसफुल नहीं हो सका।

कोर्ट में मेसी की साख दांव पर, वर्ल्ड कप की तैयारियों पर असर?

विड म्यूजिक ग्रुप ने मियामी-डेड काउंटी सर्किट कोर्ट में दाखिल याचिका में मेसी पर ‘धोखाधड़ी’ और ‘विश्वासघात’ के गंभीर आरोप लगाए हैं। कंपनी का कहना है कि मेसी की अनुपस्थिति और अव्यवस्थाओं के कारण उन्हें लाखों डॉलर का घाटा हुआ है। इससे पहले भारत के केरल राज्य के खेल मंत्री ने भी मेसी की टीम के साथ कुछ इसी तरह के मुद्दों पर चिंता जताई थी। वर्तमान में मेसी या अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन की ओर से इस मुकदमे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले इस तरह की कानूनी लड़ाई मेसी की एकाग्रता और उनकी वैश्विक छवि को प्रभावित कर सकती है। अब देखना यह है कि कोर्ट में ‘गोट’ (GOAT) की यह जंग क्या मोड़ लेती है।

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