बारिश के बाद जलभराव पर LG सख्त, संवेदनशील इलाकों में पहले से पंप लगाने और त्वरित कार्रवाई के आदेश

नई दिल्ली  दिल्ली के एलजी तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि बारिश के बाद जलभराव की स्थिति को आपदा मानकर युद्ध स्तर पर काम किया जाए। अधिकारी सड़कों पर मौजूद रहकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने यह बातें जलभराव को लेकर मंगलवार शाम को अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कहीं। अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर पंप लगाने का काम तेजी से पूरा करने को कहा है, ताकि जलभराव से बचा जा सके। बैठक में जल बोर्ड के सीईओ, पीडब्ल्यूडी, एनडीएमसी चेयरमैन, ट्रैफिक पुलिस के अलावा सभी संबंधित विभागों के इंजीनियर भी मौजूद रहे। इस मौके पर

Wrriten By :

Editor

Published On :

अगस्त 27, 2026

नई दिल्ली
 दिल्ली के एलजी तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि बारिश के बाद जलभराव की स्थिति को आपदा मानकर युद्ध स्तर पर काम किया जाए। अधिकारी सड़कों पर मौजूद रहकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने यह बातें जलभराव को लेकर मंगलवार शाम को अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कहीं। अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर पंप लगाने का काम तेजी से पूरा करने को कहा है, ताकि जलभराव से बचा जा सके। बैठक में जल बोर्ड के सीईओ, पीडब्ल्यूडी, एनडीएमसी चेयरमैन, ट्रैफिक पुलिस के अलावा सभी संबंधित विभागों के इंजीनियर भी मौजूद रहे।

इस मौके पर अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है, लेकिन पिछले तीन मॉनसून की तुलना में इस बार हालात बेहतर रहे हैं। अधिकारियों ने जलभराव से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बताया गया कि पिछले एक दशक में ड्रेनेज और बुनियादी ढांचे की अनदेखी के कारण कई पुरानी समस्याएं बनी हुई हैं, उन्हें दूर करने में समय लग रहा है।

जलभराव से निपटने के लिए पूरी सरकार एकजुट होकर करे काम
वहीं एलजी ने अधिकारियों से कहा कि जलभराव से निपटने के लिए 'होल ऑफ गवर्नमेंट' यानी पूरी सरकार को एकजुट होकर काम करना होगा। विभाग और एजेंसियां अलग-अलग काम करने के बजाय आपसी तालमेल से तत्काल कार्रवाई करें। सीनियर अधिकारी, इंजीनियरों की ग्राउंड पर 24 घंटे मौजूदगी होनी चाहिए। संवेदनशील स्थानों पर जलभराव होने का इंतजार करने के बजाए पहले से ऐसे स्थानों की पहचान कर जरूरी इंतजाम किए जाए। अतिरिक्त पंप की तैनाती भी की जाए।

शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई
एलजी ने नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से मिली जलभराव की शिकायतों पर कार्रवाई की जाए।