हरजीगढ़ी में 50 लाख रुपये के निवेश से शुरू किया आधुनिक डेयरी प्रोजेक्ट

हौसले और मेहनत से पूजा ने रचा सफलता का नया अध्याय, 80 लाख का वार्षिक कारोबार हरजीगढ़ी में 50 लाख रुपये के निवेश से शुरू किया आधुनिक डेयरी प्रोजेक्ट ‘शिव मिल्क प्रोडक्ट’ के जरिए पनीर, घी, फुलक्रीम दूध व छाछ का बड़े पैमाने पर उत्पादन लखनऊ अलीगढ़ जनपद के इगलास क्षेत्र स्थित कलवारी गांव की पूजा चौधरी ने अपने दृढ़ निश्चय और लगातार मेहनत के दम पर यह कर दिखाया है कि कम संसाधनों के बावजूद बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। विवाह के बाद जब उन्होंने ससुराल में कदम रखा, तब परिवार दूध के छोटे व्यवसाय से जुड़ा

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Published On :

मार्च 2, 2026

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हौसले और मेहनत से पूजा ने रचा सफलता का नया अध्याय, 80 लाख का वार्षिक कारोबार

हरजीगढ़ी में 50 लाख रुपये के निवेश से शुरू किया आधुनिक डेयरी प्रोजेक्ट

‘शिव मिल्क प्रोडक्ट’ के जरिए पनीर, घी, फुलक्रीम दूध व छाछ का बड़े पैमाने पर उत्पादन

लखनऊ
अलीगढ़ जनपद के इगलास क्षेत्र स्थित कलवारी गांव की पूजा चौधरी ने अपने दृढ़ निश्चय और लगातार मेहनत के दम पर यह कर दिखाया है कि कम संसाधनों के बावजूद बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। विवाह के बाद जब उन्होंने ससुराल में कदम रखा, तब परिवार दूध के छोटे व्यवसाय से जुड़ा हुआ था। पूजा ने इस कार्य को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने और बड़े स्तर पर विकसित करने का निर्णय लिया। इसके चलते पूजा ने साल 2023 में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग से 50 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर 'शिव मिल्क प्रोडक्ट' नाम से एक डेयरी प्लांट की स्थापना की। उनके इस दूरदर्शी कदम से आज उनका वार्षिक कारोबार 80 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। 
इस डेयरी प्लांट में पनीर, घी, मावा, पाउच पैक फुलक्रीम दूध, छाछ सहित कई अन्य उत्पादों को तैयार किया जाता है। इन उत्पादों की आपूर्ति न केवल जिले में की जाती है, बल्कि मथुरा-वृंदावन तक नियमित रूप से की जा रही है।

हरजीगढ़ी में 50 लाख के निवेश से शुरू की आधुनिक डेयरी

टप्पल क्षेत्र के छोटे से गांव हरजीगढ़ी में आधुनिक तकनीक से लैस ऑटोमेटिक डेयरी प्लांट की स्थापना करना पूजा के लिए आसान नहीं था। लेकिन जब इच्छा शक्ति हो तो कुछ भी करना संभव है। इसमें पूजा के पति रोहिताश और परिवार ने उनका पूरा सहयोग किया और अपने छोटे से दुग्ध व्यवसाय को नए मुकाम तक पहुंचा दिया। दरअसल वर्ष 2008 में उनके परिवार ने कामधेनु डेयरी योजना का लाभ लेकर दूध का बूथ शुरू किया था। विवाह के बाद पूजा ने कारोबार में अकाउंट संबंधी जिम्मेदारी संभाली और विस्तार की दिशा में कदम आगे बढ़ाया। विभाग में आवेदन, जमीन की उपलब्धता और ऋण स्वीकृति के बाद प्लांट शुरू करने में थोड़ा विलम्ब जरूर हुआ पूजा ने हार नहीं मानी। डेयरी शुरू होने के बाद पूजा ने 35 लोगों को रोजगार दिया और 70 किसानों से दूध आपूर्ति का अनुबंध भी किया।

पनीर, घी, फुलक्रीम दूध व छाछ का उत्पादन
‘शिव मिल्क प्रोडक्ट’ के नाम से संचालित इस डेयरी प्लांट में पनीर, घी, मावा, पाउच पैक फुलक्रीम दूध और छाछ सहित अन्य उत्पाद मशीन के जरिये तैयार किए जाते हैं। इन उत्पादों की आपूर्ति जिले के अलावा मथुरा-वृंदावन, हाथरस और अन्य कस्बों तक की जा रही है। पूजा के ससुर इस व्यवसाय को और भी बढ़ाना चाहते हैं। आज लगभग 20 डीलर विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। पूजा ने सभी उत्पादों की गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए उत्पादन और वितरण की एक व्यवस्थित व्यवस्था बनाई है जिससे उनका यह व्यवसाय तेजी से बढ़ा है और अच्छा मुनाफा भी हुआ है। 

महिला उद्यमिता की प्रेरक पहचान बनीं पूजा
अक्सर यह धारणा रही है कि विवाह के बाद बहुओं की भूमिका घर की चारदीवारी तक सीमित हो जाती है। आज भी कई स्थानों पर यह सोच कायम है। लेकिन पूजा के साथ ऐसा नहीं हुआ। शादी के बाद उन्हें परिवार का पूरा सहयोग और प्रोत्साहन मिला, जिसने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया और आगे बढ़ने का हौसला दिया। 

पूजा ने राजकीय कन्या महाविद्यालय से स्नातक किया। शुरू से उनकी इच्छा व्यवसाय करने की थी। ससुर और पति के प्रोत्साहन से उन्होंने डेयरी प्लांट में निवेश का निर्णय लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने गांव-गांव जाकर महिलाओं को उन्नत पशुपालन के लिए प्रेरित भी किया और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। आज 35 से अधिक लोग दूध संग्रह कर डेयरी तक पहुंचा रहे हैं। पूजा चौधरी की यह यात्रा ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली हर महिला के लिए प्रेरणास्रोत है, जिन्होंने आत्मनिर्भर बनकर उद्यमिता के क्षेत्र में सशक्त पहचान स्थापित की है।

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