Latur Municipal Corporation: महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव में लातूर ने कांग्रेस को उम्मीद की नई किरण दी है। यह दूसरी ऐसी महानगरपालिका है, जहां कांग्रेस ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी और जीत हासिल की। लातूर नगर निगम में कांग्रेस ने 70 सीटों में से 40 से अधिक सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि बीजेपी 20 सीटों तक ही सीमित रही। इसके अलावा, चंद्रपुर में भी कांग्रेस ने सफलता प्राप्त की है, जहां पार्टी ने बीजेपी को न सिर्फ चुनौती दी, बल्कि जीत भी हासिल की।
बीजेपी को लातूर में महंगा पड़ा रवींद्र चव्हाण का बयान
लातूर में कांग्रेस की शानदार जीत के पीछे बीजेपी के वरिष्ठ नेता रवींद्र चव्हाण का विवादास्पद बयान भी माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान चव्हाण ने कहा था कि लातूर शहर से पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की यादें “100 प्रतिशत मिटा दी जाएंगी”। यह बयान बीजेपी के लिए महंगा साबित हुआ। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि इस बयान ने कांग्रेस को लातूर में सत्ता हासिल करने का अवसर दिया। विवाद बढ़ने के बाद रवींद्र चव्हाण ने माफी भी मांगी थी, लेकिन इस घटना ने बीजेपी के लिए नकारात्मक माहौल बना दिया।
ओवैसी और रितेश देशमुख की प्रतिक्रिया
रवींद्र चव्हाण के बयान पर न सिर्फ राजनीतिक दलों से, बल्कि कई प्रमुख व्यक्तित्वों से भी तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लमीन (AIMIM) के प्रमुख असुदद्दीन ओवैसी ने बीजेपी को इस बयान को लेकर घेरा। वहीं, बॉलीवुड अभिनेता और विलासराव देशमुख के बेटे रितेश देशमुख ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “जो नाम लोगों के दिलों में उकेरे गए हैं, उन्हें कभी मिटाया नहीं जा सकता”। इस पर बीजेपी को आलोचना का सामना करना पड़ा, क्योंकि यह बयान पार्टी के लिए काफी नुकसानदायक साबित हुआ।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने किया माफी का समर्थन
बीजेपी नेता रवींद्र चव्हाण के बयान के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बयान पर माफी की प्रक्रिया को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि विलासराव देशमुख ने महाराष्ट्र के निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी और वे उनका सम्मान करते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बयान से होने वाले नुकसान को कम करने की पूरी कोशिश की जाएगी।
2017 के चुनाव से तुलना में कांग्रेस की स्थिति
लातूर महानगरपालिका में 2017 के चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली थी। उस चुनाव में बीजेपी ने 36 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि कांग्रेस ने 33 सीटें जीती थीं। एनसीपी को एक सीट मिली थी। इस बार, कांग्रेस ने अपनी स्थिति में सुधार करते हुए 40 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं, बीजेपी ने 20 सीटों तक ही सीमित रहकर हार का सामना किया।
विलासराव देशमुख और उनके परिवार का योगदान
विलासराव देशमुख का लातूर में महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रभाव रहा है। वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे और उनके तीन बेटे हैं—अमित, रितेश, और धीरज। जबकि धीरज देशमुख पिछली विधानसभा चुनाव में हार गए थे, अमित देशमुख ने चुनाव में जीत दर्ज की थी। रितेश देशमुख फिल्मों में करियर बना रहे हैं और राजनीति से दूर हैं। उनके योगदान को अब भी राज्य के लोग याद करते हैं, और लातूर में उनका प्रभाव साफ तौर पर दिखाई देता है।
अन्य शहरों में कांग्रेस की स्थिति
लातूर और चंद्रपुर के अलावा, कांग्रेस को अन्य महानगरपालिका चुनावों में मिलाजुला प्रदर्शन देखने को मिला। मुंबई में एमवीए गठबंधन छोड़ने का कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ है, जहां पार्टी की सीटें घटकर आधी रह गईं। हालांकि, पार्टी ने सांगली मिराज कुपवड में दूसरे नंबर पर रहने का दावा किया और चंद्रपुर में बीजेपी से कड़ी टक्कर ली। इस बार कांग्रेस ने 30 सीटों पर जीत हासिल की, जो पार्टी के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
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