Latehar Bus Accident: झारखंड के लातेहार जिले में रविवार (18 जनवरी) को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से बारात लेकर आ रही एक बस महुआडांड़ थाना क्षेत्र के ओरसा बंगलाधारा घाटी में अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 80 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
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ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा

पुलिस के अनुसार, यह हादसा बस के ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ। बस चालक विकास पाठक ने बताया कि वाहन में करीब 90 यात्री सवार थे। घाटी में उतरते समय अचानक बस के ब्रेक काम करना बंद कर गए। चालक ने हैंडब्रेक लगाने और इंजन बंद कर बस को रोकने की कोशिश की, लेकिन तेज ढलान के कारण वह बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और अंततः बस पलट गई।
मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिनमें चार महिलाएं शामिल थीं। बाद में इलाज के दौरान लातेहार और गुमला के अस्पतालों में चार अन्य घायलों ने दम तोड़ दिया।
घायलों का इलाज जारी
उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) विपिन कुमार दुबे ने बताया कि करीब 60 घायलों को महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जबकि 20 से अधिक घायलों को एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। गंभीर रूप से घायल 32 लोगों को बेहतर उपचार के लिए रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रेफर किया जा रहा है।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान रेशांति देवी (35), प्रेमा देवी (37), सीता देवी (45), सोनमती देवी (55), सुखना भुइयां (40) और विजय भुइयां के रूप में हुई है। लातेहार अस्पताल में मृत एक महिला की पहचान अभी नहीं हो सकी है। प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लातेहार के उपायुक्त को निर्देश दिया कि सभी घायलों को समुचित और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही प्रशासन को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन सतर्क
हादसे के बाद जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है। घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों में वाहनों की तकनीकी जांच और सुरक्षा उपायों की जरूरत को उजागर करता है।
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