Lashkar Terrorist Arrested: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के खूंखार कमांडर शब्बीर अहमद लोन को धर दबोचा है। सुरक्षा बलों ने यह बड़ी कार्रवाई भारत-बांग्लादेश सीमा के पास की। पकड़े गए आतंकी के पास से कई संवेदनशील जानकारियां मिलने की उम्मीद है। वह पड़ोसी देश की राजधानी ढाका के पास छिपकर लश्कर के एक सक्रिय मॉड्यूल का संचालन कर रहा था और भारत के खिलाफ बड़ी साजिशें रच रहा था।
आतंकी लोन की गिरफ्तारी
बताते चले कि, यह पूरा घटनाक्रम दिल्ली पुलिस के एक बेहद गोपनीय और रणनीतिक ऑपरेशन का नतीजा है। सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि लोन सीमा पार से बैठकर भारतीय युवाओं को बरगलाने और आतंकी नेटवर्क का विस्तार करने में जुटा है। इसके बाद जाल बिछाया गया और आखिरकार उसे सीमावर्ती इलाके से दबोच लिया गया।
‘कैट-एंड-माउस’ ऑपरेशन
सुरक्षा एजेंसियों और आतंकी शब्बीर के बीच पिछले दो महीनों से चूहे-बिल्ली (कैट-एंड-माउस) का खेल चल रहा था। आतंकी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, लेकिन दिल्ली पुलिस के कमिश्नर सतीश गोलचा खुद इस पूरे अभियान की बारीकी से निगरानी कर रहे थे। उनकी सटीक रणनीति के कारण ही आतंकी कानून के शिकंजे से बच नहीं सका।
दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु में फैला था जाल
आपको बता दे कि, लोन की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस ने अपने सबसे काबिल अफसरों को काम पर लगाया था। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर प्रमोद कुशवाहा, एसीपी ललित नेगी और इंस्पेक्टर सुनील राजैन के नेतृत्व में एक विशेष टीम लगातार उसका सुराग ढूंढ रही थी। जांच में सामने आया था कि लोन दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु जैसे राज्यों में युवाओं का ब्रेनवाश कर उन्हें आतंक की राह पर धकेल रहा था।
भारत में बड़े आतंकी हमले की थी साजिश
पकड़े गए लश्कर कमांडर के तार सीधे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े हुए थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, शब्बीर अहमद लोन आईएसआई के इशारे पर ही भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। हाल ही में उसे सीमा पार बैठे अपने आकाओं से कुछ नए निर्देश मिले थे, जिसके तहत वह भारत में किसी बड़े और घातक मिशन को अंजाम देने की फिराक में था।
दिल्ली एटीएस के लिए सिरदर्द बना था आतंकी
यह पहला मौका नहीं है जब शब्बीर अहमद लोन पुलिस के हत्थे चढ़ा है। इससे पहले साल 2007 में भी दिल्ली पुलिस ने उसे आतंकी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया था। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद साल 2019 में उसे अदालत से जमानत मिल गई, जिसका फायदा उठाकर वह चुपके से बांग्लादेश भाग गया। ढाका में शरण लेकर उसने फिर से लश्कर और आईएसआई के लिए एक नया आतंकी सेल तैयार कर लिया, जो भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया था।









