ऑरेंज व ब्लू लाइन मेट्रो के लिए जमीन अधिग्रहण, सरकार ने 22 एकड़ की अधिसूचना दी

भोपाल   एमपी के भोपाल शहर में मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है। यहां पर मेट्रो ट्रेन के लिए 22 एकड़ जमीन की मांग की गई है। प्रशासन ने इसके लिए काम शुरू कर दिया है। ये ऑरेंज के साथ ब्लू लाइन के लिए है। हाल में भदभदा से डिपो चौराहा, टीटी नगर, लिली टॉकीज जहांगीराबाद तक की जमीन के लिए कलेक्ट्रेट से अधिसूचना जारी हुई है। अब रायसेन रोड पर करोंद के साथ पुल बोगदा, जिंसी के साथ ऐशबाग और संबंधित क्षेत्रों में जरूरत की जगह निकालनी है। भोपाल रेलवे स्टेशन के साथ नादरा बस स्टैंड की ओर

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Published On :

फ़रवरी 27, 2026

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भोपाल 

 एमपी के भोपाल शहर में मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है। यहां पर मेट्रो ट्रेन के लिए 22 एकड़ जमीन की मांग की गई है। प्रशासन ने इसके लिए काम शुरू कर दिया है। ये ऑरेंज के साथ ब्लू लाइन के लिए है। हाल में भदभदा से डिपो चौराहा, टीटी नगर, लिली टॉकीज जहांगीराबाद तक की जमीन के लिए कलेक्ट्रेट से अधिसूचना जारी हुई है।

अब रायसेन रोड पर करोंद के साथ पुल बोगदा, जिंसी के साथ ऐशबाग और संबंधित क्षेत्रों में जरूरत की जगह निकालनी है। भोपाल रेलवे स्टेशन के साथ नादरा बस स्टैंड की ओर भी जगह मांगी है। इसमें रेलवे लाइन, स्टेशन के अलावा लाइन किनारे पार्किंग विकसित करने की जगह भी शामिल है।
इंदौर में पार्किंग की प्रक्रिया, भोपाल में भी उम्मीद

इंदौर मेट्रो स्टेशन के पास यात्री वाहनों के लिए पार्किंग विकसित की जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया शुरू की है। यहां विभागीय मंत्री ने इसके लिए अफसरों को कहा है। भोपाल मेट्रो में भी अब तक कहीं पार्किंग विकसित नहीं
हुई है। यहां भी स्टेशन के पास पार्किंग विकसित हो तो मेट्रो में यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ सकती है। भोपाल मेट्रो की ओर से पार्किंग की जमीन के लिए जिला प्रशासन के पास पांच जगह के लिए प्रकरण दर्ज किए हुए हैं।

मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम कई स्तरों पर चल रहा है। जरूरत के अनुसार जमीन ली जा रही। उपयोग किया जा रहा है। पार्किंग को लेकर भी काम किया जा रहा है। चैतन्य कृष्णा, एमडी, मेट्रो रेल
रोकी गई थी आपूर्ति

बीते कुछ दिनों पहले मेट्रो रैक की वडोदरा से आपूर्तिरोक दी गई थी। यहां से तीन-तीन कोच के 27 रैक मिलने तय हुए हैं। आठ रैक की आपूर्ति हो चुकी है। अभी कमर्शियल रन में महज दो रैक का ही उपयोग किया जा रहा है। छह रैक अभी डिपो में ही हैं। ऐसे में जब तक प्रोजेक्ट में 32 किमी की लाइन नहीं बन जाती, तब तक नए रैक की आपूर्ति रोक दी गई है। गौरतलब है कि मेट्रो ट्रेन की रैक को बनाने का काम वडोदरा के पास स्थापित प्लांट में हो रहा है।

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