Lakshmi Mittal buys RR : लक्ष्मी मित्तल ने खरीदी राजस्थान रॉयल्स, 15660 करोड़ में हुआ आईपीएल का सबसे बड़ा सौदा

आईपीएल के बाजार में आज उस वक्त भूकंप आ गया जब खबर आई कि अरबपति लक्ष्मी मित्तल ने राजस्थान रॉयल्स को 15,660 करोड़ रुपये में खरीद लिया है। यह न केवल आईपीएल बल्कि वैश्विक खेल इतिहास के सबसे महंगे सौदों में से एक है। इस भारी-भरकम डील के पीछे का असली मास्टरप्लान क्या है?

Lakshmi Mittal buys RR

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 3, 2026

Lakshmi Mittal buys RR : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के बाजार में एक ऐसी खबर आई है जिसने खेल और कॉर्पोरेट जगत दोनों को हैरत में डाल दिया है। दुनिया के दिग्गज स्टील कारोबारी लक्ष्मी निवास मित्तल ने राजस्थान रॉयल्स (RR) फ्रेंचाइजी के अधिग्रहण की आधिकारिक घोषणा कर दी है। ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय मूल के अरबपति मित्तल ने पुष्टि की है कि जयपुर स्थित इस टीम को खरीदने की प्रक्रिया और समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है। यह सौदा खेल जगत के सबसे महंगे समझौतों में से एक माना जा रहा है, जिसकी कुल कीमत लगभग 1.65 अरब डॉलर (करीब 15,660 करोड़ रुपये) आंकी गई है। इस ऐतिहासिक डील के साथ ही राजस्थान रॉयल्स के प्रबंधन में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो गई है।

हिस्सेदारी का गणित: मित्तल परिवार के पास होगा टीम का नियंत्रण

क्रिकबज की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, इस नए कंसोर्टियम में लक्ष्मी मित्तल के अलावा सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला और टीम के पुराने प्रमोटर मनोज बदाले भी शामिल हैं। डील की शर्तों के मुताबिक, मित्तल परिवार के पास टीम की लगभग 75 प्रतिशत बहुमत हिस्सेदारी होगी, जिससे टीम का प्रबंधन और नियंत्रण पूरी तरह उनके हाथ में आ जाएगा। अदार पूनावाला 18 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखेंगे, जबकि शेष 7 प्रतिशत हिस्सा पुराने निवेशकों के पास रहेगा। मनोज बदाले, जिन्होंने 2008 से टीम का नेतृत्व किया है, अब मार्गदर्शक की भूमिका में बने रहेंगे। यह अधिग्रहण केवल भारतीय टीम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें दक्षिण अफ्रीका की ‘पार्ल रॉयल्स’ और कैरिबियन की ‘बारबाडोस रॉयल्स’ भी शामिल हैं।

प्लेऑफ की दहलीज पर रॉयल्स और रणनीतिक बदलाव

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब आईपीएल 2026 के सीजन में राजस्थान रॉयल्स का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। टीम फिलहाल प्लेऑफ की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रही है। मैदान पर युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी अपने बल्ले से धूम मचा रहे हैं, जिसने इस टीम की ब्रांड वैल्यू को और बढ़ा दिया है। दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय पहले तक अमेरिकी निवेशक काल सोमानी और फोर्ड परिवार को इस टीम का संभावित खरीदार माना जा रहा था, लेकिन लक्ष्मी मित्तल ने इस रेस में बाजी मार ली। हालांकि, इस सौदे को अंतिम रूप देने के लिए अभी भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की मंजूरी मिलना बाकी है, जिसके 2026 के अंत तक पूरा होने की संभावना है।

जन्मभूमि से जुड़ाव: लक्ष्मी मित्तल के लिए एक भावनात्मक फैसला

लक्ष्मी मित्तल के लिए राजस्थान रॉयल्स को खरीदना महज एक व्यावसायिक सौदा नहीं है, बल्कि अपनी मिट्टी से जुड़ने का एक माध्यम भी है। मित्तल का जन्म राजस्थान के सादुलपुर गाँव में हुआ था। अपने आधिकारिक बयान में उन्होंने कहा कि उनका परिवार राजस्थान से ताल्लुक रखता है, इसलिए इस राज्य की टीम का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने सबसे पहले क्रिकेट तभी खेला था और वे हमेशा से इस खेल के मुरीद रहे हैं। उन्होंने टीम के गौरवशाली इतिहास और उन दिग्गज खिलाड़ियों की सराहना की जिन्होंने रॉयल्स की जर्सी पहनकर युवाओं को प्रेरित किया है।

रॉयल्स के नए युग की शुरुआत: वैश्विक संसाधनों और अनुभव का संगम

इस भारी-भरकम निवेश के साथ राजस्थान रॉयल्स अब आईपीएल की सबसे संपन्न टीमों में शुमार हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मित्तल और पूनावाला जैसे वैश्विक दिग्गजों के आने से टीम को न केवल वित्तीय मजबूती मिलेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी पहचान और बढ़ेगी। मित्तल ने अपने बयान में प्रशंसकों को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही मैदान के किनारे बैठकर अपनी टीम का उत्साहवर्धन करेंगे। नए नेतृत्व और असीमित संसाधनों के इस संगम से यह उम्मीद की जा रही है कि राजस्थान रॉयल्स आने वाले समय में 2008 के अपने पहले खिताब के सूखे को खत्म कर क्रिकेट जगत में एक नया साम्राज्य स्थापित करेगी।

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