Kupwara Encounter: कुपवाड़ा में सेना का बड़ा एक्शन, LoC के पास मुठभेड़ में 2 आतंकी ढेर

Kupwara Encounter: जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास भारतीय सेना को बड़ी कामयाबी मिली है। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में केरन सेक्टर के जुमागुंड इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान दो आतंकवादी मारे गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 3:30 बजे संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने के बाद जवानों ने कार्रवाई शुरू की। फिलहाल इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि किसी दूसरे आतंकवादी की मौजूदगी का पता लगाया जा सके। कुपवाड़ा के जुमागुंड में कैसे शुरू हुई मुठभेड़? अधिकारियों के मुताबिक, कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा

Kupwara Encounter

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 17, 2026

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Kupwara Encounter: जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास भारतीय सेना को बड़ी कामयाबी मिली है। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में केरन सेक्टर के जुमागुंड इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान दो आतंकवादी मारे गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 3:30 बजे संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने के बाद जवानों ने कार्रवाई शुरू की। फिलहाल इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि किसी दूसरे आतंकवादी की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।

कुपवाड़ा के जुमागुंड में कैसे शुरू हुई मुठभेड़?

कुपवाड़ा के जुमागुंड में कैसे शुरू हुई मुठभेड़?

अधिकारियों के मुताबिक, कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास जवान नियमित निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान जुमागुंड इलाके में कुछ संदिग्ध गतिविधि नजर आई। जवानों ने तुरंत सतर्कता बरती और संदिग्धों को चुनौती दी। इसके बाद सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई।

इस कार्रवाई में दो आतंकवादी मारे गए। हालांकि, शुरुआती जानकारी में यह साफ नहीं हो पाया है कि आतंकवादी सीमा पार से घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे या उनकी मौजूदगी के पीछे कोई दूसरी वजह थी। सुरक्षा बल पूरे इलाके की जांच कर रहे हैं। तलाशी अभियान पूरा होने के बाद ही घटना से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आ सकेंगी।

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ लगातार अभियान

जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। इससे पहले 17 सितंबर 2026 को जम्मू संभाग के उधमपुर जिले में चलाए गए एक ऑपरेशन के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के दो पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए थे। उस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में भी लिया गया था।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मारे गए आतंकवादियों की पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में की थी। पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए थे। इनमें चार मैगजीन वाली एक AK असॉल्ट राइफल, तीन मैगजीन वाली एक M4 कार्बाइन, दो मैगजीन वाली एक ग्लॉक पिस्तौल और चार ग्रेनेड शामिल थे।इन घटनाओं के बीच सुरक्षा एजेंसियां नियंत्रण रेखा और अन्य संवेदनशील इलाकों में आतंकवादी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

सर्दियां शुरू होने से पहले LoC पर क्यों बढ़ जाती है सतर्कता?

नियंत्रण रेखा पर सर्दियों से पहले सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को खास महत्व दिया जाता है। इसकी एक बड़ी वजह पहाड़ी इलाकों में होने वाली भारी बर्फबारी है। बर्फ गिरने के बाद कई पहाड़ी दर्रे बंद हो जाते हैं और सीमा के आसपास के रास्तों पर आवाजाही मुश्किल हो जाती है। ऐसे में आतंकवादी मौसम खराब होने से पहले घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं।

इसी आशंका को देखते हुए सेना संवेदनशील इलाकों में निगरानी, गश्त और तलाशी अभियान तेज करती है। जवानों की सतर्कता का मकसद नियंत्रण रेखा के पास किसी भी संदिग्ध गतिविधि का समय रहते पता लगाना और घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करना होता है।

कुपवाड़ा मुठभेड़ के बाद तलाशी अभियान जारी

केरन सेक्टर के जुमागुंड इलाके में दो आतंकवादियों के मारे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान जारी रखा है। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इलाके में कोई अन्य आतंकवादी मौजूद तो नहीं है। साथ ही, मुठभेड़ से जुड़े घटनाक्रम और संभावित घुसपैठ के पहलू की भी जांच की जा रही है।

कुपवाड़ा मुठभेड़ के बाद तलाशी अभियान जारी

अधिकारियों की ओर से अभियान से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल LoC के पास सुरक्षा बल अलर्ट पर हैं और इलाके में निगरानी जारी है।

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