Kuno National Park: ‘ज्वाला’ ने कूनो में बिखेरी खुशियां, पांच नन्हे शावकों के जन्म से गूंजा नेशनल पार्क!

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में खुशियों का नया सवेरा हुआ है। नामीबियाई मादा चीता ज्वाला ने एक साथ पांच शावकों को जन्म देकर वन्यजीव विशेषज्ञों को हैरान और खुश कर दिया है। नन्हे शावकों की सुरक्षा के लिए पार्क प्रबंधन ने क्या किए हैं खास इंतजाम? जानिए इस बड़ी जीत की कहानी।

Kuno National Park

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 9, 2026

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Kuno National Park: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित Kuno National Park से एक बार फिर अच्छी खबर सामने आई है। भारत में चीतों को बसाने के लिए चलाए जा रहे Cheetah Project in India के तहत लगातार सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। कूनो में स्वदेशी चीता शावकों के जन्म से इस परियोजना को नई मजबूती मिल रही है। हाल के वर्षों में यहां चीतों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है, जिससे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

मादा चीता ज्वाला दूसरी बार बनी मां

कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाई गई मादा चीता Jwala दूसरी बार मां बनी है। इस बार उसने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। यह खबर सामने आते ही वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों और अधिकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। चीता ज्वाला के शावकों के जन्म को इस परियोजना की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे भारत में चीतों की नई पीढ़ी तैयार हो रही है।

मुख्यमंत्री ने साझा किया वीडियो

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने इस सुखद खबर को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। उन्होंने मादा चीता ज्वाला और उसके नन्हे शावकों का एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें मां अपने बच्चों के साथ दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए कूनो नेशनल पार्क के अधिकारियों और वन विभाग की टीम को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि यह राज्य और देश के लिए गर्व की बात है कि भारत में चीतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

शावकों की निगरानी कर रही विशेषज्ञ टीम

कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन के अनुसार मादा चीता ज्वाला और उसके पांचों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। पार्क के वन अधिकारी, पशु चिकित्सक और विशेषज्ञों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है। शावकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके रहने के स्थान के आसपास विशेष सावधानी बरती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती महीनों में शावकों की देखभाल बेहद महत्वपूर्ण होती है, इसलिए हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।

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इससे पहले भी हुए थे कई शावकों के जन्म

कूनो नेशनल पार्क में इससे पहले भी कई चीता शावकों का जन्म हो चुका है। फरवरी महीने में यहां मादा चीता Asha ने पांच शावकों को जन्म दिया था। वहीं दूसरी मादा चीता Gamini ने तीन शावकों को जन्म दिया था। अब ज्वाला के पांच शावकों के साथ इनकी कुल संख्या और बढ़ गई है। आशा, गामिनी और ज्वाला के शावकों को मिलाकर अब तक 13 नन्हे चीतों का जन्म हो चुका है।

भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 53 हुई

नए शावकों के जन्म के बाद भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 53 हो गई है। इनमें से अधिकांश चीते श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में रह रहे हैं। यहां नन्हे और वयस्क चीतों की संख्या लगभग 50 बताई जा रही है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि भारत में चीतों को दोबारा बसाने का प्रयास धीरे-धीरे सफल हो रहा है।

गांधी सागर में भी बढ़ रही चीतों की मौजूदगी

कूनो के अलावा मध्य प्रदेश के मंदसौर स्थित Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary में भी चीतों को बसाने की योजना पर काम चल रहा है। यहां फिलहाल तीन चीते मौजूद हैं, जो नए वातावरण में खुद को ढाल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में देश के अन्य अभयारण्यों में भी चीतों को बसाने की योजना बनाई जा सकती है, जिससे उनकी आबादी को स्थायी रूप से बढ़ाया जा सके।

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