Kotputli-Behror Accident: केमिकल टैंकर और ट्रेलर की टक्कर से 1 KM तक आग, हाईवे पर अफरा-तफरी

कोटपूतली-बहरोड़ के पावटा में NH-48 पर केमिकल टैंकर और ट्रेलर की टक्कर से भीषण आग लग गई। केमिकल रिसाव के कारण सड़क आग का गोला बन गई और घंटों तक हाईवे पर ट्रैफिक जाम रहा।

Kotputli-Behror Accident

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जनवरी 19, 2026

Kotputli-Behror Accident: राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पावटा इलाके में रविवार रात जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे (NH-48) पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। एक अनियंत्रित केमिकल टैंकर और ट्रेलर की टक्कर ने हाईवे पर तबाही मचा दी। टक्कर के बाद टैंकर से रिसते ज्वलनशील केमिकल ने सड़क के लगभग 1 किलोमीटर हिस्से को आग के दरिया में बदल दिया।

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हादसे का पूरा मंजर

Kotputli-Behror Accident
केमिकल टैंकर और ट्रेलर की टक्कर से 1 KM तक आग

पावटा स्थित बस स्टैंड के पास यह हादसा घटित हुआ। प्रागपुरा थानाधिकारी भजनाराम चौधरी ने बताया कि जयपुर से दिल्ली जा रहे टैंकर की रफ्तार अचानक बढ़ गई और यह विपरीत दिशा से आ रहे ट्रेलर से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि टैंकर पलट गया और उसमें भरा ज्वलनशील केमिकल सड़क पर फैल गया। आसपास के लोग टक्कर की आवाज सुनकर दहल उठे और अफरा-तफरी मच गई।

1 किलोमीटर तक फैली लपटें

टैंकर से रिसते केमिकल के कारण आग ने तुरंत विकराल रूप ले लिया। चूँकि यह ज्वलनशील पदार्थ था, इसलिए आग केवल वाहन तक सीमित नहीं रही, बल्कि सड़क पर फैले केमिकल के साथ एक किलोमीटर तक फैल गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि मंजर किसी भयावह फिल्म जैसा था, जहां पूरी सड़क आग की लपटों में डूब गई। हालांकि राहत की बात रही कि दोनों वाहन चालक तुरंत सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे बड़ी जान-माल की हानि टली।

पुलिस और दमकल का रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही प्रागपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को बुलाया। आग की गंभीरता के चलते कोटपूतली, बहरोड़, नीमराणा और शाहजहांपुर से लगभग आधा दर्जन दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं। केमिकल की आग सामान्य आग से अलग होने के कारण इसे बुझाने में दमकलकर्मियों को लगभग 2 घंटे तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी।

यातायात पर प्रभाव और जाम

हादसे के कारण जयपुर-दिल्ली हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस ने दोनों तरफ ट्रैफिक रोक दिया, जिससे कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं। धुएं और आग की लपटों के कारण वाहन चालकों में डर का माहौल था। सड़क से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने और आग पर काबू पाने के बाद ही ट्रैफिक को धीरे-धीरे बहाल किया जा सका।

हादसों का हॉटस्पॉट

जयपुर-दिल्ली हाईवे पर यह पहला बड़ा हादसा नहीं है। स्थानीय लोग बताते हैं कि पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन वाहन चालक सुरक्षा नियमों और गति सीमा का पालन नहीं करते। भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार और लापरवाही अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती है, जिससे न केवल जान-माल का नुकसान होता है बल्कि आम जनता को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।

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