
Kota Laddu Protest: राजस्थान के कोटा में इस बार दीपावली पर एक ऐसा आंदोलन देखने को मिला, जिसकी शायद ही किसी ने कल्पना की होगी। नीट पेपर लीक के खिलाफ अपनी ताकत दिखा चुके Gen-Z छात्रों ने अब लड्डू के लिए मोर्चा खोल दिया। कोचिंग संस्थानों में दीपावली पर लड्डू नहीं मिलने से नाराज सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए। इतना ही नहीं, छात्रों ने ‘लड्डू-लड्डू’ के नारे लगाए और सोशल मीडिया पर ‘लड्डू जनता पार्टी’ भी बना डाली।
कोटा में लड्डू के लिए सड़कों पर उतरे Gen-Z छात्र
राजस्थान का कोटा देशभर में कोचिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जाना जाता है। यहां हर साल हजारों छात्र डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना लेकर पहुंचते हैं। लेकिन इस बार दीपावली के मौके पर कोटा की चर्चा पढ़ाई या परीक्षा को लेकर नहीं, बल्कि लड्डुओं के लिए हुए अनोखे आंदोलन को लेकर हो रही है। दरअसल, दीपावली पर कोचिंग संस्थानों में लड्डू नहीं बांटे जाने से छात्र नाराज हो गए। इसके बाद कोरल पार्क इलाके में सैकड़ों स्टूडेंट्स इकट्ठा हुए और अपनी मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर जुलूस निकाला। इस दौरान सड़कों पर लगातार ‘लड्डू-लड्डू’ के नारे गूंजते रहे।
कैसे शुरू हुआ कोटा में लड्डू आंदोलन?
अब सवाल है कि आखिर लड्डुओं को लेकर छात्रों का गुस्सा इतना क्यों बढ़ गया? दरअसल, दीपावली के मौके पर कोटा में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को उम्मीद थी कि कोचिंग संस्थान त्योहार की खुशी में उनके लिए भी कुछ खास इंतजाम करेंगे। परिवार से दूर रहने वाले इन छात्रों को त्योहार पर थोड़ी मिठास मिलने की उम्मीद थी। लेकिन जब कोचिंग संस्थानों में लड्डू नहीं बांटे गए तो उनकी नाराजगी बढ़ने लगी। इसी बीच कुछ टीचर्स ने सोशल मीडिया पर लड्डू के पैकेट मिलने के वीडियो शेयर कर दिए। इन वीडियो को देखने के बाद छात्रों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि अगर लड्डू के पैकेट मिल सकते हैं तो उन्हें क्यों नहीं दिए जा रहे?धीरे-धीरे यह नाराजगी आंदोलन में बदल गई और बड़ी संख्या में छात्र एक साथ जुटने लगे। देखते ही देखते कोटा की सड़कों पर लड्डू की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू हो गई।
डेढ़ लाख रुपये फीस, फिर एक लड्डू भी क्यों नहीं?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि कोचिंग संस्थान उनसे लाखों रुपये फीस लेते हैं, लेकिन त्योहार के मौके पर उनके लिए एक लड्डू तक नहीं दिया जा रहा। छात्रों ने इसी बात को अपने पोस्टर और बैनर के जरिए उठाया।प्रदर्शन के दौरान एक बैनर ने लोगों का खास ध्यान खींचा। इसमें लिखा था कि छात्रों से करीब डेढ़ लाख रुपये फीस ली जाती है, लेकिन बदले में एक लड्डू तक नहीं मिलता। छात्रों ने अपने इस अनोखे विरोध के वीडियो भी बनाए और सोशल मीडिया पर शेयर किए।छात्रों की नाराजगी देखकर स्थानीय लोगों के बीच भी इस आंदोलन की चर्चा होने लगी। कई लोगों ने परिवार से दूर रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों की भावनाओं को समझने की बात कही।
सोशल मीडिया पर छाई ‘लड्डू जनता पार्टी’
कोटा का यह आंदोलन सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा। सोशल मीडिया पर भी छात्रों ने इसे नया नाम दे दिया। देखते ही देखते ‘लड्डू जनता पार्टी’ चर्चा में आ गई। इससे पहले ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से सुर्खियां बटोरने वाले छात्रों की तरह इस बार लड्डुओं को लेकर बनी पार्टी ने लोगों का ध्यान खींचा।छात्रों ने प्रदर्शन के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं। इसके बाद यूजर्स भी इस अनोखे आंदोलन पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे।
कोचिंग फीस और छात्रों की जिंदगी पर फिर उठे सवाल
कोटा का लड्डू आंदोलन भले ही सुनने में मजाकिया लगे, लेकिन इसके पीछे छात्रों की भावनाएं भी जुड़ी हैं। हजारों किलोमीटर दूर अपने घरों से आकर पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स त्योहारों पर छोटी-छोटी खुशियों की उम्मीद करते हैं। फिलहाल कोटा में लड्डुओं को लेकर शुरू हुआ यह अनोखा विरोध सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन से लेकर अब लड्डुओं की मांग तक, Gen-Z ने एक बार फिर अपने अलग अंदाज में अपनी बात रखने का तरीका दिखा दिया है।











