Kolkata Warehouse Collapse : कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम का शेड गिरा, 5 लोगों की दर्दनाक मौत

कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम का शेड अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। आखिर यह हादसा कैसे हुआ और क्या लापरवाही इसकी वजह बनी, जानिए पूरी घटना।

Kolkata Warehouse Collapse

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 24, 2026

Kolkata Warehouse Collapse :  कोलकाता के तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो के निकट बुधवार की दोपहर करीब 1.30 बजे एक निर्माणाधीन गोदाम का शेड अचानक भरभरा कर गिर गया। इस भीषण हादसे में अब तक 5 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, मलबे के नीचे अभी भी 50 से 55 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हादसे के कुछ देर बाद भी मलबे के भीतर से दबे हुए मजदूरों और कर्मचारियों की चीखें सुनाई दे रही थीं। घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

ढलाई के दौरान हुआ हादसा

स्थानीय सूत्रों और मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, जिस समय यह दुखद घटना हुई, उस समय गोदाम में कंक्रीट की ढलाई (casting) का काम पूरी तेजी के साथ चल रहा था। काम के दौरान ही अचानक शेड का ढांचा कमजोर होकर गिर पड़ा। निर्माण कार्य में लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के सवालों ने अब जोर पकड़ लिया है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में राहत कार्यों को शुरू किया गया। शुरुआती दौर में कुछ घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया है, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

युद्धस्तर पर जारी रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे के बाद बचाव कार्य को गति देने के लिए कोलकाता पुलिस, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप (DMG), सिविल डिफेंस और फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना की भी सहायता ली जा रही है। मलबे में दबे हुए लोहे के भारी-भरकम सरियों और कंक्रीट के विशाल टुकड़ों को हटाने के लिए बड़ी क्रेन मंगाई गई हैं। रेस्क्यू टीमें गैस कटर की मदद से लोहे की छड़ों को काटकर रास्ता बना रही हैं ताकि मलबे में दबे लोगों तक सुरक्षित तरीके से पहुंचा जा सके। अंधेरा और संकरा इलाका होने के कारण बचाव कर्मियों को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

इस संकट की घड़ी में राज्य सरकार ने लोगों की सहायता के लिए तत्परता दिखाते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। जो भी लोग अपने परिजनों के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, वे इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं: 1070, 8697981070, 033-22143526, और 033-22535185। आपदा प्रबंधन की टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं ताकि जल्द से जल्द शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

लापरवाही की जांच के संकेत

घटनास्थल पर पहुंचे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने बचाव कार्यों की निगरानी करते हुए मामले की विस्तृत जांच के संकेत दिए हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस निर्माणाधीन संरचना के लिए उचित अनुमति ली गई थी और क्या निर्माण कार्य में गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग किया गया था। फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को जीवित बाहर निकालना है। मुख्यमंत्री ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए घायलों के उचित इलाज के निर्देश दिए हैं।

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