Kolkata Godown Collapse: गोदाम हादसे में गई 8 जानें, PM ने जताया दुख और मदद का ऐलान

कोलकाता के तारातला स्थित ब्रेस ब्रिज इलाके में एक निर्माणाधीन गोदाम का शेड अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया, जिससे मलबे में दबकर 8 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई और 31 से अधिक लोग घायल हो गए।

Kolkata Godown Collapse

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 25, 2026

Kolkata Godown Collapse: कोलकाता के तारातला इलाके में स्थित ब्रेस ब्रिज के पास बुधवार को हुए एक भीषण गोदाम हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। एक निर्माणाधीन गोदाम की कंक्रीट और लोहे की विशाल छत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई, जिससे मलबे में दबकर 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 31 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

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कोलकाता गोदाम हादसा

यह हृदयविदारक घटना बुधवार दोपहर करीब 12:07 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माणाधीन गोदाम की छत तीन परतों में नीचे आ गिरी, जिससे वहां कार्यरत मजदूर संभलने का मौका भी नहीं पा सके और मलबे के नीचे दब गए। घटना के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों ने मदद के लिए गुहार लगाई।

युद्धस्तर पर चला बचाव अभियान

हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्यों के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया। भारतीय सेना, NDRF, SDRF, कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग और नगर निगम की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। मलबे में दबे लोगों को खोजने के लिए स्निफर डॉग्स और आधुनिक क्रेन मशीनों का उपयोग किया गया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया और बाद में एसएसकेएम अस्पताल पहुंचकर घायलों का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने बचाव अभियान में लगी सभी एजेंसियों के त्वरित प्रयासों की सराहना की।

लापरवाही की आशंका और कानूनी कार्रवाई

इस भयावह हादसे के बाद प्रारंभिक जांच में गंभीर लापरवाही की परतें खुल रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना का प्लान 17 जनवरी 2026 को स्वीकृत हुआ था, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार, इसके लिए गलत प्लान को मंजूरी दिए जाने की आशंका है।

कानूनी कार्रवाई करते हुए कोलकाता पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। अब तक साइट सुपरवाइजर सैयद मोहम्मद गुलजार सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, और चार अन्य से पूछताछ की जा रही है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व सहायक पुलिस आयुक्त जॉयसूर्य मुखर्जी कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री और राज्य सरकार का सहयोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

आपदा की इस घड़ी में लोगों की मदद के लिए नबन्ना स्थित आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष ने विशेष हेल्पलाइन नंबर (1070, 8697981070, 033-22143526, 033-22535185) जारी किए हैं। प्रशासन की प्राथमिकता अभी घायलों का उपचार और मलबे की पूरी तरह सफाई सुनिश्चित करना है। इस हादसे ने निर्माण कार्यों में बरती जाने वाली सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

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