
Kharge Statement: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानों का पारा चढ़ गया है। पटना में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दी गई विवादित टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। खरगे के इस बयान के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है और सार्वजनिक रूप से देश की जनता व प्रधानमंत्री से माफी मांगने की मांग की है।
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‘प्रधानमंत्री के पिता पर अपशब्द बोलना दुर्भाग्यपूर्ण’: सम्राट चौधरी

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर सख्त प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति और उनके स्वर्गीय पिता के खिलाफ इस प्रकार की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना कांग्रेस पार्टी की नीच मानसिकता को दर्शाता है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि यह घटना साबित करती है कि राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी देश के प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति किस तरह की दुर्भावना और द्वेष रखती है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि इस तरह की भाषा लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को देश से तुरंत और बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने इसे केवल एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि एक तरह का राजनीतिक अपराध बताया।

खरगे के शब्द, गांधी परिवार की स्क्रिप्ट: संजय सरावगी

बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी खरगे के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान बनाए रखना हर नेता और दल की नैतिक जिम्मेदारी है। खरगे का यह बयान कांग्रेस की बढ़ती हताशा और उसकी गिरती राजनीतिक संस्कृति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
संजय सरावगी ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे जो कुछ भी मंच से बोल रहे हैं, वह सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पूरे गांधी परिवार द्वारा लिखी गई स्क्रिप्ट का हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसे अपशब्दों का प्रयोग करना वास्तव में भारत की जनता के जनादेश का अपमान है।
मर्यादा की सीमाएं लांघती बयानबाजी से गरमाई सियासत
पटना के मंच से दिए गए इस बयान के बाद राज्य का सियासी तापमान बेहद गर्म हो चुका है। बीजेपी नेताओं का स्पष्ट कहना है कि प्रधानमंत्री पद की अपनी एक गरिमा होती है और उस पर बैठे व्यक्ति के परिवार को राजनीति में घसीटना सर्वथा अनुचित है। बीजेपी अब इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व को पूरी तरह से घेरने के मूड में है, जबकि इस बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में शुचिता और भाषा की मर्यादा को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
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