
Bhopal Fire: राजधानी भोपाल के अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) में रविवार की शाम उस वक्त अचानक हड़कंप मच गया, जब परिसर में खड़ी बसों से भयावह आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि वहां खड़ी लगभग आधा दर्जन बसें धूं-धूं कर जलने लगीं। घटना की खबर मिलते ही पूरे बस स्टैंड परिसर में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस अग्निकांड में मुख्य रूप से वर्मा ट्रेवल्स की 5 से 6 बसें पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं।
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अचानक उठी आग की लपटें और फैलती गई दहशत

मिली जानकारी के मुताबिक, शाम के समय आईएसबीटी परिसर में खड़ी एक बस से अचानक आग की शुरुआत हुई। जब तक वहां मौजूद लोग और कर्मचारी कुछ समझ पाते या आग पर काबू पाने की कोशिश करते, तब तक लपटों ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। आसपास की बसें भी इसकी चपेट में आती चली गईं। आकाश में दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार और ऊंची उठती आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। इस मंजर को देखकर बस स्टैंड पर मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों में चीख-पुकार मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे पूरे इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
दमकल की गाड़ियों ने संभाला मोर्चा, कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू

हादसे की सूचना तुरंत अग्निशमन विभाग और स्थानीय पुलिस-प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने बिना समय गंवाए पानी की बौछारें शुरू कीं और आग को आगे फैलने से रोकने के लिए मोर्चा संभाला। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने तुरंत पूरे इलाके को सील कर दिया और आम लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया। दमकलकर्मियों की काफी देर की कड़ी मशक्कत और लगातार पानी की बौछारों के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका।

बड़ा हादसा टला: खाली खड़ी थीं बसें, पास रखे ऑयल ड्रम भी बचे
इस भीषण घटना के बीच राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि जिन बसों में आग लगी थी, वे उस समय स्टैंड पर खाली खड़ी थीं। बसों के भीतर कोई भी सवारी या चालक दल मौजूद नहीं था, जिसके चलते एक बड़ा जानलेवा हादसा होने से टल गया। ये बसें मुख्य रूप से इंदौर, सिवनी और बालाघाट रूट पर चलने वाली बताई जा रही हैं।
इसके अलावा, अग्निशमन टीम की मुस्तैदी से एक और गंभीर खतरा टल गया। जिन बसों में आग लगी थी, उनके ठीक पास में ऑयल से भरे हुए कई प्लास्टिक के ड्रम रखे हुए थे। अगर आग की लपटें उन ऑयल ड्रमों तक पहुंच जातीं, तो एक भयंकर धमाका हो सकता था और नुकसान का दायरा कहीं अधिक बढ़ जाता। दमकलकर्मियों ने सूझबूझ से पहले उस हिस्से को ठंडा किया और बड़े खतरे को टाल दिया।
जांच में जुटा प्रशासन, कारणों का खुलासा होना बाकी
फिलहाल इस अग्निकांड में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या झुलसने की खबर नहीं है, जो एक बड़ी राहत है। हालांकि, बसों के पूरी तरह जल जाने से ट्रेवल्स कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। आग लगने की मुख्य वजह क्या थी—क्या यह शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ या कोई अन्य लापरवाही थी—इसका आधिकारिक खुलासा अभी नहीं हो पाया है। पुलिस और दमकल विभाग की टीम घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है और नुकसान का सटीक आकलन लगाया जा रहा है।
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