
Mallikarjun Kharge Controversy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बयान की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। इसी बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार को लेकर दिया गया बयान भी चर्चा में आ गया है। यह मामला विश्वविद्यालय में छात्रों के आंदोलन और सांसदों के खिलाफ दर्ज एफआईआर से जुड़ा है।
राजनाथ सिंह ने खरगे के बयान पर जताई नाराजगी
बताते चले कि, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार का विरोध करना और उसकी नीतियों पर सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने बयान को सही ठहराने की कोशिश कर रही है, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी के परिवार को निशाना बनाना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं से संयम और जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है।
कांग्रेस पर वैचारिक पतन का आरोप
राजनाथ सिंह ने कहा कि खरगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उनके पद को देखते हुए उनसे अधिक गंभीरता और मर्यादा की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री मोदी की पारिवारिक पृष्ठभूमि और उनकी मां को लेकर भी पहले आपत्तिजनक टिप्पणियां कर चुके हैं।रक्षा मंत्री ने कहा कि राजनीतिक असहमति को व्यक्तिगत अपमान में नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी टिप्पणियों से प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा के संकल्प पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

इमरान मसूद का रजिस्ट्रार को लेकर बयान चर्चा में

खरगे की टिप्पणी पर जारी विवाद के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बयान भी सामने आया है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों के आंदोलन के दौरान जाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद मसूद ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पर नाराजगी जताई।न्यूज एजेंसी से बातचीत में मसूद ने सवाल उठाया कि क्या विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार के पिता की संपत्ति है। उन्होंने रजिस्ट्रार पर कई आरोप लगाए और उनके खिलाफ जांच की मांग की। मसूद ने दावा किया कि विश्वविद्यालय में छात्रों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जामिया में प्रदर्शन के बीच सांसदों पर FIR
मामला जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ की बहाली और छात्रों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन से जुड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिकायत के आधार पर विश्वविद्यालय परिसर में कथित अनधिकृत प्रवेश को लेकर एफआईआर दर्ज की गई। बताया गया कि संबंधित सांसद प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने विश्वविद्यालय पहुंचे थे। हालांकि, एफआईआर में लगाए गए आरोपों और उनकी कानूनी स्थिति का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
‘फ्री कश्मीर’ के नारों पर भी इमरान मसूद ने उठाए सवाल

जामिया परिसर में कथित तौर पर ‘फ्री कश्मीर’ के नारे लिखे जाने के मामले पर भी इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल किया कि ये नारे किसने लिखे थे और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान होनी चाहिए। मसूद ने कहा कि उन्होंने खुद ऐसे नारों की आलोचना की थी।कांग्रेस सांसद ने विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर और रजिस्ट्रार पर आंदोलन से जुड़ी समस्याओं के लिए जिम्मेदार होने के आरोप लगाए। उन्होंने छात्रसंघ की बहाली की मांग दोहराते हुए कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच दो अलग-अलग विवाद
एक ओर खरगे की टिप्पणी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, वहीं दूसरी ओर जामिया मामले में इमरान मसूद के बयान ने राजनीतिक बहस को और बढ़ा दिया है। दोनों मामलों में व्यक्तिगत टिप्पणियों, राजनीतिक मर्यादा और सार्वजनिक संस्थानों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब इन विवादों पर संबंधित पक्षों की आगे की प्रतिक्रिया और जामिया मामले में जांच की दिशा पर नजर रहेगी।











