हाईकोर्ट का अहम आदेश: पंजाब सरकार पेंशनरों को दे अवकाश नकदीकरण और बकाया एरियर

चंडीगढ़. पंजाब में वर्षों से लंबित संशोधित पैंशन और महंगाई भत्ता (डी.ए.) के एरियर के भुगतान को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा कि जिन पैंशनरों को संशोधित पैंशन, अवकाश नकदीकरण और डी.ए. के एरियर का लाभ मिलना चाहिए, उन्हें यह लाभ केवल याचिकाकर्त्ताओं तक सीमित न रहकर राज्य के सभी पात्र पैंशनरों को दिया जाए। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ ने यह आदेश सुरिंद्र सिंह व अन्य सहित संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने पंजाब के मुख्य

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Published On :

मार्च 14, 2026

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चंडीगढ़.

पंजाब में वर्षों से लंबित संशोधित पैंशन और महंगाई भत्ता (डी.ए.) के एरियर के भुगतान को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा कि जिन पैंशनरों को संशोधित पैंशन, अवकाश नकदीकरण और डी.ए. के एरियर का लाभ मिलना चाहिए, उन्हें यह लाभ केवल याचिकाकर्त्ताओं तक सीमित न रहकर राज्य के सभी पात्र पैंशनरों को दिया जाए।

जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ ने यह आदेश सुरिंद्र सिंह व अन्य सहित संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि सभी पात्र पैंशनरों को देय लाभ सुनिश्चित किए जाएं और इस संबंध में 3 माह के भीतर जिम्मेदार अधिकारी के शपथ पत्र के माध्यम से अनुपालन रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की जाए। याचिकाकर्त्ताओं ने अदालत को बताया कि वे पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड और राज्य के विभिन्न बोर्डों और निगमों से सेवानिवृत्त पैंशनर हैं। उन्होंने अदालत से मांग की थी कि 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक की संशोधित पैंशन के एरियर जारी किए जाएं और 1 जुलाई 2015 से केंद्रीय पैटर्न के अनुसार संशोधित डी.ए. का भुगतान किया जाए। साथ ही देरी से भुगतान पर ब्याज देने की भी मांग रखी गई थी।

याचिकाकर्त्ताओं के वकीलों ने अदालत को बताया कि 2016 से लंबित एरियर की प्रतीक्षा करते-करते अब तक 35,000 से अधिक पैंशनरों का निधन हो चुका है। बढ़ती उम्र में चिकित्सा खर्च और महंगाई के कारण पैंशनरों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है, जबकि सरकार द्वारा संशोधित वेतन और डी.ए. को पहले ही स्वीकार किया जा चुका है। सुनवाई के दौरान अदालत ने 6वें वेतन आयोग की सिफारिशों और राज्य सरकार द्वारा 2021 में अधिसूचित संशोधित वेतन नियमों का भी उल्लेख किया।

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