Ketan Agarwal Murder Case: भाई की चेतावनी को किया नजरअंदाज, सिया और उसके प्रेमी की खौफनाक साजिश

लोनावला के लोहगढ़ किले पर रियल एस्टेट डायरेक्टर केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि हेयर पैच को लेकर उपजे विवाद के कारण उन्होंने मिलकर केतन की हत्या की साजिश रची थी। अब मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी।

Ketan Agarwal Murder Case

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 27, 2026

Ketan Agarwal Murder Case: लोनावला के लोहगढ़ किले पर 18 जून को हुई रियल एस्टेट डायरेक्टर केतन अग्रवाल की मौत अब एक सुनियोजित हत्या के रूप में सामने आई है। पुणे पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में मृतक की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले की जांच के दौरान सिया के भाई साहिल गोयल से हुई 10 घंटे की लंबी पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। साहिल ने पुलिस को बताया कि उसे अपनी बहन और चेतन के प्रेम प्रसंग की जानकारी कई महीने पहले ही थी। उसने सिया को इस रिश्ते से दूर रहने की सलाह भी दी थी, लेकिन दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती रहीं। चेतन और साहिल की दोस्ती 2024 में क्रिकेट खेलते समय हुई थी, जिसके बाद चेतन की मुलाकात सिया से हुई थी।

गंजापन बनी हत्या की वजह?

बताते चले कि, पुलिस जांच में एक अजीबोगरीब और चौंकाने वाला कारण सामने आया है, जो इस हत्या की कथित वजह बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सगाई के बाद सिया को पता चला कि केतन अग्रवाल हेयर पैच (विग) का इस्तेमाल करते हैं। इसी बात से नाराज होकर सिया शादी से इनकार करना चाहती थी। वहीं, केतन के परिवार का दावा है कि उन्होंने सगाई के समय ही गोयल परिवार को केतन के हेयर ट्रीटमेंट के बारे में पूरी जानकारी दे दी थी। परिवार का आरोप है कि इसी तुच्छ बात को मुद्दा बनाकर सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश

लोनावला के पुलिस उपाधीक्षक गजानन टोनपे ने बताया कि आरोपियों ने अपराध को अंजाम देने से पहले और बाद में अपनी व्हाट्सऐप चैट हिस्ट्री पूरी तरह से डिलीट कर दी थी। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने फोन का रीसायकल बिन भी खाली कर दिया था ताकि कोई डिजिटल सबूत जांच एजेंसियों के हाथ न लगे। पुलिस ने अब दोनों आरोपियों के फोन डेटा रिकवरी के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) भेज दिए हैं। वर्तमान में पुलिस हिरासत में मौजूद दोनों आरोपी एक-दूसरे पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं, जिससे डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्य मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए बेहद अहम हो गए हैं।

सरकार का कड़ा रुख

इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस ने महाराष्ट्र सरकार को भी झकझोर कर रख दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिलाया है। उन्होंने इसे शिक्षित युवाओं में पनप रही आपराधिक प्रवृत्ति पर चिंता का विषय बताया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही, प्रतिष्ठित वकील उज्ज्वल निकम को इस केस में विशेष लोक अभियोजक (Special Public Prosecutor) नियुक्त किया गया है, जिन्होंने इस मामले को लड़ने के लिए अपनी लिखित सहमति भी दे दी है। अब सभी की निगाहें फास्ट ट्रैक कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं।