Kerala elections 2026: अमित शाह ने किया रोड शो, केरलम में BJP का चुनावी जोर बढ़ाने का प्रयास

केरलम विधानसभा चुनाव से पहले अमित शाह ने कोझिकोड में रोड शो किया। जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने विकास, सुरक्षा और बेहतर शासन का वादा किया। बीजेपी का चुनावी अभियान तेज, लेकिन यूडीएफ और एलडीएफ भी कड़ी चुनौती देने के लिए पूरी तैयारी में हैं।

केरलम में BJP का चुनावी जोर बढ़ाने का प्रयास

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अप्रैल 5, 2026

Kerala elections 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को केरल के कोझिकोड में एक भव्य रोड शो का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में उनके साथ बीजेपी के कोझिकोड उम्मीदवार एडवोकेट के. पी. प्रकाश बाबू और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। रोड शो बेयपोर विधानसभा क्षेत्र में हुआ, जो कि कोझिकोड का एक प्रमुख और रणनीतिक विधानसभा क्षेत्र माना जाता है।

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अमित शाह की अपील और रोड शो का मकसद

अमित शाह की अपील और रोड शो का मकसद
अमित शाह की अपील और रोड शो का मकसद

रोड शो के दौरान अमित शाह ने जनता से बीजेपी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस बार केरल में बदलाव की लहर है और जनता अब एक मजबूत विकल्प चाहती है। अमित शाह ने राज्य में विकास, बेहतर प्रशासन और सुरक्षा को लेकर अपने वादों को दोहराया। उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे नेतृत्व की चाह रखती है जो राज्य में नई दिशा और प्रगति ला सके। उनका मानना है कि इस बार केरलम में बीजेपी-एनडीए के पक्ष में माहौल बन रहा है और जनता बदलाव चाहती है।

प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका और अपील

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केरलम में बीजेपी के बूथ कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने कांग्रेस और वाम दलों पर निशाना साधा और कहा कि राज्य में जनता अब बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हर घर तक पहुंचें और चुनाव के दिन अधिक मेहनत करें। उनका कहना था कि लंबे समय से केरलम में सत्ता UDF और LDF के बीच बदलती रही है, लेकिन हालिया राजनीतिक परिवर्तनों ने इस धारणा को चुनौती दी है। 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह संदेश बीजेपी के कार्यकर्ताओं में उत्साह भर रहा है।

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केरलम का सियासी इतिहास

केरलम की राजनीति लंबे समय से दो बड़े गठबंधनों के इर्द-गिर्द घूमती रही है—

  1. लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF): सीपीआईएम के नेतृत्व में
  2. यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF): कांग्रेस के नेतृत्व में

आमतौर पर राज्य में हर पांच साल में सत्ता इन दोनों गठबंधनों के बीच बदलती रही है। हालांकि, 2021 में एलडीएफ ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की, जिससे इस परंपरा को तोड़ा गया।पिनाराई विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ की यह जीत ऐतिहासिक मानी गई, क्योंकि इससे पहले केरल में कोई भी मुख्यमंत्री लगातार दस वर्षों तक सत्ता में नहीं रह पाया था। इस बार बीजेपी इस परंपरा को चुनौती देने और राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

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चुनावी रणनीति और भविष्य की संभावनाएं

कोझिकोड और बेयपोर विधानसभा क्षेत्र पर सभी राजनीतिक दलों की निगाहें हैं। बीजेपी इस क्षेत्र में रोड शो और प्रचार अभियानों के माध्यम से अपनी पहचान मजबूत करने का प्रयास कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलाव की यह लहर, बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां पहले कभी उनका वर्चस्व नहीं रहा। चुनाव के नतीजे यह तय करेंगे कि केरल की राजनीति में नई दिशा और संभावनाएं क्या होंगी।