Kerala Election 2026: केरल विधानसभा चुनाव 2026 की सियासी बिसात बिछ चुकी है। सत्ता पर काबिज लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) ने जनता को लुभाने के लिए अपना व्यापक चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने तिरुवनंतपुरम में औपचारिक रूप से इस दस्तावेज को सार्वजनिक किया। यह घोषणापत्र दो खंडों में तैयार किया गया है, जिसमें राज्य के भविष्य के लिए 60 प्रमुख कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा पेश की गई है। एलडीएफ ने इस बार अपने एजेंडे में सामाजिक कल्याण, रोजगार सृजन और आधुनिक बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी है, जिससे स्पष्ट है कि वे विकास और सुरक्षा के मुद्दे पर चुनाव लड़ना चाहते हैं।
युवाओं को रोजगार की गारंटी: हर ग्रेजुएट को मिलेगी नौकरी
इस घोषणापत्र का सबसे आकर्षक हिस्सा युवाओं के लिए किए गए वादे हैं। वामपंथी मोर्चे ने संकल्प लिया है कि केरल में अपनी शिक्षा पूरी करने वाले सभी युवाओं के लिए सुनिश्चित रोजगार और कैंपस प्लेसमेंट की व्यवस्था की जाएगी। एलडीएफ ने वादा किया है कि वे राज्य के सभी स्नातकों (ग्रेजुएट्स) के लिए नौकरी सुनिश्चित करेंगे। इस योजना के तहत मौजूदा शैक्षणिक वर्ष के भीतर ही 60,000 युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। यह कदम राज्य में बेरोजगारी की समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक बड़ा दांव माना जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता: नौकरियों में आरक्षण और ब्याज मुक्त ऋण
एलडीएफ ने महिलाओं और उभरते उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। घोषणापत्र में वादा किया गया है कि नई नौकरियों में 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे, जो लैंगिक समानता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हो सकता है। इसके अलावा, जो शिक्षित युवा अपना स्वयं का उद्यम या स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, उन्हें सरकार की ओर से ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा देगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में युवाओं की भागीदारी को भी सुनिश्चित करेगी।
पेंशन में भारी बढ़ोतरी और स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच
सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री ने कल्याणकारी पेंशन को बढ़ाकर ₹3,000 करने की घोषणा की है। इससे राज्य के लाखों बुजुर्गों और जरूरतमंदों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, बिस्तर पर पड़े मरीजों (Bedridden Patients) के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य सहायता कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। इसके अंतर्गत गंभीर रूप से बीमार लोगों को घर पर ही चिकित्सा सुविधाएं और आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी। एलडीएफ का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च करना राज्य के समावेशी विकास के लिए अनिवार्य है।
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: केरल के बुनियादी ढांचे का कायाकल्प
बुनियादी ढांचे के विकास की बात करें तो एलडीएफ ने अपने महत्वाकांक्षी उत्तर-दक्षिण हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (SilverLine) प्रोजेक्ट के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि यह परियोजना केरल के परिवहन नेटवर्क को आधुनिक बनाएगी और यात्रा के समय को काफी कम कर देगी। हालांकि विपक्ष इसका विरोध करता रहा है, लेकिन एलडीएफ ने इसे अपने दीर्घकालिक विकास एजेंडे का मुख्य स्तंभ बताया है। विजयन के अनुसार, यह घोषणापत्र केवल वादों का पुलिंदा नहीं है, बल्कि एक नीतिगत रोडमैप है।
यूडीएफ की ‘5+1 गारंटी’ बनाम एलडीएफ का विकास मॉडल
केरल की चुनावी जंग अब घोषणापत्रों के मुकाबले में बदल गई है। एलडीएफ से पहले विपक्षी गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने भी अपना घोषणापत्र जारी किया था। विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने “5+1 गारंटी” के साथ कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार का वादा किया है। अब देखना यह है कि केरल की जनता एलडीएफ के रोजगार और बुनियादी ढांचे के वादे पर भरोसा जताकर उन्हें दोबारा मौका देती है या यूडीएफ की गारंटियों की ओर झुकती है। 2026 का यह चुनाव केरल की भविष्य की राजनीति और विकास की दिशा तय करेगा।
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