Iran Israel War: “मोदी जी इस्तीफा दे दीजिए लेकिन Trump के आगे झुकिए मत”; Iran-Israel जंग पर Kejriwal का बड़ा बयान

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका से मिली छूट पर केंद्र सरकार को घेरा है। केजरीवाल ने पीएम मोदी पर डोनाल्ड ट्रंप के सामने "झुकने" का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत को किसी देश की अनुमति की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए राष्ट्रीय हितों की रक्षा की अपील की है।

Iran Israel War

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 6, 2026

Iran Israel War: दिल्ली के पूर्व CM और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की केजरीवाल ने भारतीय रिफाइनरियों को रूस से तेल खरीदने के लिए हाल ही में अमेरिका से मिली छूट को लेकर केंद्र की आलोचना की।सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में केजरीवाल ने सवाल किया कि,भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका से परमिशन की जरूरत क्यों है?उन्होंने आरोप लगाया कि,हाल के महीनों में देश ने देखा है प्रधानमंत्री बार-बार डोनाल्ड ट्रंप के सामने “झुकते” रहे हैं और मजबूती से अपनी बात रखने में नाकाम रहे हैं।

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केजरीवाल का मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल

केजरीवाल ने ‘X’ पर लिखा,”अमेरिका कौन होता है भारत को रूस से तेल खरीदने की परमिशन देने वाला? भारत को अमेरिका से परमिशन की जरूरत ही क्यों है? पिछले कुछ महीनों में देशवासियों ने बहुत दुख के साथ देखा है कि कैसे, एक के बाद एक, हर कदम पर, आप ट्रंप के सामने झुके हैं और आपमें उनके सामने बोलने की हिम्मत भी नहीं थी।

देश की लीडरशिप कभी इतनी कमजोर नहीं दिखी-केजरीवाल

केजरीवाल ने कहा,मिस्टर मोदी, आखिर आपकी ऐसी क्या मजबूरी है कि आप ट्रंप के सामने झुक रहे हैं? उन्होंने आगे कहा…भारत हजारों साल के इतिहास वाला देश है और इसकी आबादी 1.4 अरब है, जिसने कई बहादुर नेता और योद्धा दिए हैं।इससे पहले भारत ने कभी किसी देश के सामने इस तरह सिर नहीं झुकाया और दावा किया कि देश की लीडरशिप कभी इतनी कमजोर नहीं दिखी।

केजरीवाल ने पीएम मोदी से की इस्तीफे की मांग

केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा,अगर सच में आपकी कोई मजबूरी है जिसका ट्रंप फायदा उठा रहे हैं तो भारत और भारतीय हितों के लिए,प्लीज इस्तीफा दे दीजिए लेकिन भारत का सिर इस तरह मत झुकाइए। सभी देशवासी बहुत दुख में हैं। यह यूएस ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के उस बयान के बाद आया है,जिसमें उन्होंने कहा था, “प्रेसिडेंट ट्रंप के एनर्जी एजेंडा की वजह से तेल और गैस का प्रोडक्शन अब तक के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया है।

ईरान-इजरायल युद्ध पर मोदी सरकार का घेराव

“जानबूझकर उठाए गए इस शॉर्ट-टर्म कदम से रूसी सरकार को कोई खास फाइनेंशियल फायदा नहीं होगा क्योंकि यह सिर्फ उन तेल से जुड़े ट्रांजैक्शन को मंजूरी देता है जो पहले से समुद्र में फंसे हुए हैं।भारत यूनाइटेड स्टेट्स का एक जरूरी पार्टनर है और हमें पूरी उम्मीद है कि नई दिल्ली यूएस तेल की खरीद बढ़ाएगा।यह कामचलाऊ कदम ईरान की ग्लोबल एनर्जी को बंधक बनाने की कोशिश से पैदा हुए दबाव को कम करेगा।

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