Kathua Encounter: कठुआ मुठभेड़ में जैश आतंकी ढेर, बिलावर और किश्तवाड़ में ऑपरेशन तेज

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षाबलों ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक जैश आतंकी को ढेर कर दिया है। बिलावर में छिपे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई अभी जारी है, जबकि किश्तवाड़ के पहाड़ी इलाकों में भी सेना ने घेराबंदी कर दी है। क्या सीमा पार से आए सभी आतंकी पकड़े जाएंगे?

Kathua Encounter

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 23, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

Kathua Encounter: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में शुक्रवार शाम सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी को मार गिराया। इस मुठभेड़ की पुष्टि आईजीपी जम्मू ने की है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह कार्रवाई क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियानों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।

मारे गए आतंकी की पहचान पर काम जारी

सूत्रों के मुताबिक, मारे गए आतंकी का नाम उस्मान बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ था और इलाके में लंबे समय से सक्रिय था। सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से हथियार और संदिग्ध सामग्री भी बरामद की है, जिसकी जांच की जा रही है।

बिलावर इलाके में जारी है एनकाउंटर

जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों की मुठभेड़ आतंकियों के एक पूरे ग्रुप से हुई है। कठुआ के बिलावर इलाके में अभी भी तलाशी और मुठभेड़ अभियान जारी है। अतिरिक्त बलों को मौके पर तैनात कर दिया गया है और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है, ताकि कोई भी आतंकी भागने में सफल न हो सके।गौरतलब है कि पिछले सप्ताह सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने बिलावर क्षेत्र में आतंकियों के तीन ठिकानों का भंडाफोड़ किया था। इन ठिकानों से गोला-बारूद, हथियार, संचार उपकरण और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई थी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ये ठिकाने हालिया आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।

पहले भी हो चुकी हैं कई मुठभेड़ें

बिलावर क्षेत्र में इससे पहले भी कई बार सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो चुकी है। 7 जनवरी और 13 जनवरी को कहोग और नजोत जंगलों में भी एनकाउंटर हुए थे। इन घटनाओं से साफ है कि आतंकी संगठन इस इलाके को अपना ठिकाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे सुरक्षाबल लगातार नाकाम कर रहे हैं।18 जनवरी को किश्तवाड़ के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान भी सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान आतंकियों द्वारा किए गए ग्रेनेड हमले में आठ जवान घायल हो गए थे। यह हमला उस समय हुआ, जब सुरक्षाबल इलाके में छिपे आतंकियों की तलाश कर रहे थे।

घायल जवान की शहादत से देश शोक में

19 जनवरी को घायल जवानों में शामिल हवलदार गजेंद्र सिंह इलाज के दौरान शहीद हो गए थे। उनकी शहादत ने पूरे देश को झकझोर दिया। सुरक्षाबलों ने उनके बलिदान को याद करते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को और तेज करने का संकल्प लिया है।फिलहाल किश्तवाड़ के तरू बेल्ट क्षेत्र में मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में “ऑपरेशन त्राशी-1” जारी है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि यहां जैश-ए-मोहम्मद के 2 से 3 आतंकी छिपे हो सकते हैं। पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है और सुरक्षाबल किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।

2