Karur Stampede: CM विजय ने तोड़ी चुप्पी, करूर हादसे पर बोले- ‘मैंने पुलिस पर भरोसा किया, पर उन्होंने धोखा दिया’

करूर भगदड़ मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मुख्यमंत्री विजय ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

Karur Stampede

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 10, 2026

Karur Stampede: तमिलनाडु में साल 2025 में हुई करूर भगदड़ की दर्दनाक त्रासदी आज भी राज्य के लिए एक गहरे घाव की तरह है। शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री विजय ने इस दुखद घटना पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह हादसा केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि एक ऐसी त्रासदी है जिसने कई परिवारों के भविष्य को अंधकारमय कर दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बच्चों को खोने का दर्द कभी भुलाया नहीं जा सकता और राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।

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‘मैंने पुलिस पर भरोसा किया, लेकिन…’: मुख्यमंत्री का तीखा हमला

मुख्यमंत्री विजय ने करूर भगदड़ मामले में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “मैंने पुलिस प्रशासन पर अटूट भरोसा किया था, लेकिन स्थिति का ठीकरा मेरे ही सिर पर फोड़ने की कोशिश की गई।”

विजय ने खुलासा किया कि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के मामले में पुलिस की लापरवाही ही इस हादसे का मुख्य कारण बनी। उन्होंने तुलनात्मक रूप से पेरंबलूर पुलिस की कार्यक्षमता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने समय रहते भीड़ के बढ़ने की चेतावनी दी थी। इसके विपरीत, करूर पुलिस ने उन्हें न केवल अंधेरे में रखा, बल्कि स्वयं उन्हें आयोजन स्थल तक सुरक्षा घेरे में ले गई। मुख्यमंत्री ने तल्ख लहजे में कहा, “अगर पुलिस ने समय रहते स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया होता, तो शायद आज कई परिवारों के बच्चे सुरक्षित होते।”

‘राजनीति से ऊपर उठकर न्याय की दरकार’

मुख्यमंत्री विजय ने इस संवेदनशील मुद्दे पर विपक्षी दलों, विशेषकर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) को आड़े हाथों लिया। उन्होंने विपक्ष पर इस दुखद घटना का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। विजय ने कहा कि जहां पीड़ितों को न्याय दिलाने और भविष्य के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने की जरूरत है, वहीं विपक्षी दल इसे ‘ड्रामा’ करार देकर अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप भी मढ़ दिया। उन्होंने दावा किया कि ये पार्टियां ‘पार्टी फंड’ जुटाने के नाम पर राज्य में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, जिसका सीधा असर प्रशासनिक जवाबदेही और सुरक्षा प्रबंधों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब समाज को एकजुट होकर पीड़ितों का संबल बनना चाहिए, तब विपक्ष का इस तरह का आचरण निंदनीय है।

भविष्य के लिए सख्त कदम और संकल्प

अपने संबोधन के अंत में, मुख्यमंत्री विजय ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य भर में बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जाएगी और जवाबदेही तय करने के लिए एक सख्त प्रणाली लागू की जाएगी। उन्होंने जनता से भी धैर्य रखने की अपील की और कहा कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य पीड़ितों को न्याय दिलाना और भविष्य में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।

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