Karnataka Power Tussle : कर्नाटक की राजनीति में इस समय जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे और उनकी जगह उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को कमान सौंपे जाने की अटकलें अब बेहद तेज हो चुकी हैं। राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, राज्य में सत्ता हस्तांतरण के साथ-साथ एक बिल्कुल नया फॉर्मूला भी तैयार किया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि नई सरकार में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए चार उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) बनाए जा सकते हैं। इस नए सत्ता संतुलन के तहत राज्य के चार प्रमुख समुदायों—दलित, ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग), लिंगायत और अल्पसंख्यक वर्ग से एक-एक वरिष्ठ चेहरे को उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है ताकि आगामी चुनावों से पहले पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार के असंतोष को रोका जा सके।
संभावित उपमुख्यमंत्रियों की रेस में शामिल प्रमुख चेहरों के नाम आए सामने
चार नए डिप्टी सीएम के इस नए फॉर्मूले के तहत विभिन्न जातियों और वर्गों के कद्दावर नेताओं के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो दलित कोटे से राज्य के मौजूदा गृहमंत्री जी परमेश्वर और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे का नाम सबसे आगे चल रहा है। वहीं, ओबीसी कोटे से वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को इस रेस में शामिल किया गया है। प्रभावशाली लिंगायत समुदाय का प्रतिनिधित्व करने के लिए एमबी पाटिल और ईश्वर खंड्रे के नामों पर चर्चा हो रही है, जबकि अल्पसंख्यक कोटे से केजे जॉर्ज, यूटी खादर और जमीर अहमद खान जैसे वरिष्ठ नेताओं के नामों को संभावित सूची में जगह दी गई है।
मुख्यमंत्री आवास पर अहम ‘ब्रेकफास्ट मीटिंग’ से बढ़ीं राजनीतिक सरगर्मियां
नेतृत्व में इस संभावित बदलाव की अटकलों के बीच, बेंगलुरु स्थित मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘कावेरी’ पर गुरुवार, 28 मई को एक बेहद महत्वपूर्ण ब्रेकफास्ट मीटिंग होने जा रही है। इस बैठक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार आमने-सामने बैठकर सत्ता के हस्तांतरण की रूपरेखा पर चर्चा करेंगे। सूत्रों का कहना है कि इस अहम चर्चा के बाद दोनों बड़े नेता एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकते हैं, जिसमें वे राज्य की जनता और मीडिया के सामने लीडरशिप परिवर्तन को लेकर चल रही सभी अटकलों पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करेंगे। इससे पहले दिसंबर 2025 में भी शिवकुमार के आवास पर ऐसी ही ‘ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी’ देखी गई थी, जिसका उद्देश्य पार्टी में एकजुटता का संदेश देना था।
राहुल गांधी का सिद्धारमैया को प्रस्ताव
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने खुद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से बातचीत की है और उन्हें डीके शिवकुमार के लिए रास्ता साफ करते हुए पद छोड़ने की सलाह दी है। इसके बदले में कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया को केंद्र की राजनीति में एक बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका देने की पेशकश की है। इसके साथ ही, उनके बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को नई कैबिनेट में उपमुख्यमंत्री बनाने और कुछ बेहद अहम मंत्रालय सौंपने का पूरा भरोसा भी दिया गया है। सिद्धारमैया अपने पद से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा देने से पहले पार्टी के सभी मंत्रियों और विधायकों के लिए एक विदाई डिनर बैठक का आयोजन भी कर सकते हैं।
पार्टी महासचिवों की मौजूदगी में हो सकती है औपचारिक घोषणा और समर्थकों का जश्न
इस पूरे सियासी घटनाक्रम पर अंतिम मुहर लगाने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ-साथ कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला की मौजूदगी में औपचारिक घोषणा की जा सकती है। हालांकि, कांग्रेस आलाकमान ने अभी तक इस नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई भी आधिकारिक लिखित बयान या प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की है, लेकिन डीके शिवकुमार के खेमे में अभी से जश्न का माहौल बन गया है। शिवकुमार के उत्साही समर्थकों ने बेंगलुरु सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में उन्हें कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री बनने की अग्रिम बधाई देते हुए बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लगाने शुरू कर दिए हैं, और सोशल मीडिया पर भी यह अभियान तेजी से वायरल हो रहा है।
Read More : Bengal Political Crisis : भाजपा सांसद सौमित्र खान का दावा, 20 सांसद और 50 विधायक बदल सकते हैं पाला










