Karnataka MLC Election: कर्नाटक चुनाव परिणाम, कांग्रेस ने 5 सीटें जीतकर बढ़ाया दबदबा

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस ने 5 सीटें जीतकर बड़ी बढ़त हासिल की है, जबकि बीजेपी को 2 सीटों से संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग की चर्चा ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। अब सवाल यह है कि क्या यह नतीजे राज्य की राजनीति को नई दिशा देंगे?

कांग्रेस ने 5 सीटें जीतकर बढ़ाया दबदबा

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 18, 2026

Karnataka MLC Election: कर्नाटक में विधान परिषद की सात सीटों के लिए हुए चुनाव में सत्ताधारी कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को दो सीटों से संतोष करना पड़ा। यह चुनाव मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस के लिए पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा था, जिसमें पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन किया।

सूत्रों के अनुसार, इस चुनाव में बीजेपी और जनता दल (सेक्युलर) यानी JDS के कुछ विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग की गई, जिसका सीधा फायदा कांग्रेस उम्मीदवारों को मिला। अपेक्षा से अधिक वोट मिलने के कारण कांग्रेस की जीत का अंतर और मजबूत हो गया।

आठ उम्मीदवारों के बीच हुआ था मुकाबला

इस चुनावी मैदान में कुल आठ उम्मीदवार उतरे थे। कांग्रेस की ओर से थिप्पन्नप्पा कामकनूर, पी.वी. मोहन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद, शिवन्ना बी.एस. और विनय कार्तिक प्रकाश शामिल थे। वहीं बीजेपी की तरफ से लिंगराज पाटिल और रघु आर चुनाव लड़ रहे थे, जबकि जेडीएस से गोविंदराजू मैदान में थे। नतीजों में कांग्रेस के सभी पांच उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि बीजेपी के दोनों उम्मीदवारों ने भी अपनी सीटें सुरक्षित कर लीं। जेडीएस उम्मीदवार गोविंदराजू को हार का सामना करना पड़ा।

चुनाव का महत्व और पृष्ठभूमि

यह चुनाव इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि विधान परिषद के सात सदस्यों का कार्यकाल 30 जून को समाप्त होने जा रहा था। इनमें कांग्रेस, बीजेपी और जेडीएस के कई मौजूदा सदस्य शामिल थे। इसी रिक्तता को भरने के लिए यह मतदान आयोजित किया गया था।

क्रॉस वोटिंग पर सियासी बयानबाजी तेज

चुनाव परिणाम आने के बाद राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इन सभी अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने किसी प्रकार की विशेष रणनीति या दबाव की राजनीति नहीं की है। उनके अनुसार, यह गुप्त मतदान प्रणाली थी, इसलिए यह कहना कि क्रॉस वोटिंग हुई या नहीं, केवल अनुमान है।

डीके शिवकुमार का बयान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को मतदान में हिस्सा लेने वाले सभी विधायकों के विवेक पर पूरा भरोसा है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने विधायकों के साथ जो बैठकें की थीं, वे केवल मतदान प्रक्रिया को समझाने के लिए थीं, न कि किसी राजनीतिक रणनीति के तहत।

शिवकुमार ने बताया कि वरीयता आधारित मतदान प्रणाली जटिल होती है और कई नए विधायक पहली बार इस प्रक्रिया का हिस्सा बने थे। ऐसे में छोटी सी गलती से भी वोट अमान्य हो सकता है, इसलिए सावधानी जरूरी थी।

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