Karnataka : कर्नाटक के प्रसिद्ध मंदिर से 32 किलो चांदी की मूर्ति चोरी, CCTV बंद, करोड़ों का नुकसान

कर्नाटक के प्रसिद्ध मंदिर से 32 किलो चांदी की मूर्ति चोरी होने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के समय CCTV कैमरे बंद मिले, जिससे साजिश की आशंका गहरा गई है। आखिर चोर मंदिर की सुरक्षा कैसे तोड़कर करोड़ों का नुकसान पहुंचाने में सफल हुए, जांच अब इसी रहस्य से पर्दा उठाएगी।

Karnataka

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 7, 2026

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Karnataka : कर्नाटक के विजयपुरा ज़िले के मुद्देबिहाल तालुक स्थित बसराकोड गांव में एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के प्राचीन और आस्था के केंद्र श्री पवाडा बसवेश्वर मंदिर को चोरों ने अपना निशाना बनाया है। 5 और 6 जुलाई की रात को अज्ञात चोरों ने मंदिर के गर्भगृह का ताला तोड़कर भगवान बसवेश्वर की 32 किलो वजनी चांदी की दुर्लभ प्रतिमा और अन्य चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। चोरी गई चांदी की कुल मात्रा 60 किलो से अधिक बताई जा रही है, जिसका बाजार मूल्य 1.20 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। केवल मुख्य प्रतिमा की कीमत ही करीब 51.20 लाख रुपये आंकी गई है, जिससे स्थानीय भक्तों में गहरा आक्रोश और दुख है।

रात के अंधेरे में ताले तोड़कर अंजाम दी वारदात

मंदिर समिति के अध्यक्ष, 70 वर्षीय करनंदप्पा बिरदार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, इस चोरी का खुलासा सुबह करीब 4 बजे हुआ, जब मंदिर के पुजारी साधु शंकरलिंग वहां पहुंचे। उन्होंने देखा कि मंदिर के मुख्य दरवाजे के ताले टूटे हुए थे और भगवान की प्रतिमा अपने आसन से नदारद थी। पुजारी शरणय्या सलीमत ने 5 जुलाई की रात 9 बजे विधिवत शाम की पूजा संपन्न की थी और सभी सुरक्षा दरवाजों पर ताले लगाए थे। माना जा रहा है कि चोरों ने रात 9 बजे से तड़के 4:30 बजे के बीच इस सुनियोजित चोरी को अंजाम दिया। यह इलाका संतों और श्रद्धालुओं के रहने के बावजूद चोरों ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

सीसीटीवी कैमरे बंद होने से गहराया साजिश का संदेह

चोरी की इस वारदात में एक और संदिग्ध पहलू यह है कि घटना के दौरान मंदिर के सभी सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि चोरों को मंदिर की आंतरिक व्यवस्था की पूरी जानकारी थी और उन्होंने पहले से ही एक सोची-समझी साजिश के तहत कैमरों को निष्क्रिय कर दिया था। बिना योजना के इतने भारी मात्रा में चांदी और प्रतिमा को चुरा ले जाना संभव नहीं लग रहा है। इस तकनीकी खामी ने जांच एजेंसियों के लिए मामले को सुलझाने की चुनौती बढ़ा दी है। संदेह की सुई उन लोगों की ओर घूम रही है जिन्हें मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और कैमरों की कार्यप्रणाली के बारे में बारीक जानकारी थी।

पुलिस की जांच और कानून के तहत कार्रवाई

मुद्देबिहाल पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 305(d) और 331(4) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। शिकायत दर्ज करने में थोड़ी देरी जरूर हुई क्योंकि मंदिर समिति ने पहले ग्रामीणों के साथ आपातकालीन बैठक कर घटना की समीक्षा की थी। पुलिस ने दोषियों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोग इस घटना से बेहद आहत हैं और उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द चांदी की प्रतिमा बरामद करने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। पुलिस अब संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही इस बड़ी चोरी का पर्दाफाश होगा।

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