Karnataka News: कर्नाटक में सूखे की स्थिति को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र से तत्काल आर्थिक सहायता जारी करने का आग्रह किया है। खड़गे ने कर्नाटक के लिए 3,705.30 करोड़ रुपये की केंद्रीय मदद देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सूखे से प्रभावित किसानों और परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए जल्द कार्रवाई की जरूरत है।
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बारिश की कमी से बढ़ी किसानों की मुश्किल

खड़गे के मुताबिक कर्नाटक में बारिश की कमी ने कृषि क्षेत्र को प्रभावित किया है और बड़ी संख्या में किसान परिवार संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में राज्य में सूखे की गंभीर स्थिति का उल्लेख करते हुए केंद्र से राहत प्रक्रिया तेज करने की मांग की। रिपोर्टों के अनुसार, कर्नाटक सरकार पहले ही खरीफ 2026 के लिए 3,705.30 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता का अनुरोध कर चुकी है। यह मांग शुरुआती तौर पर 101 सूखा प्रभावित तालुकों के लिए की गई थी। बाद में वैज्ञानिक आकलन के आधार पर 76 और तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया।
नुकसान के आकलन के बीच केंद्र से मदद की मांग
खड़गे ने पत्र में सूखे से हुए नुकसान का जमीनी स्तर पर आकलन कराने के लिए केंद्रीय टीम भेजने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में नुकसान के सत्यापन की बात कही है। उन्होंने केंद्र से राज्य द्वारा मांगी गई 3,705.30 करोड़ रुपये की पूरी सहायता जारी करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि राहत राशि से फसल नुकसान, पेयजल और किसानों से जुड़ी तत्काल जरूरतों में सहायता मिल सकेगी।
किसानों की मदद को लेकर रखीं कई मांगें

खड़गे ने छोटे और सीमांत किसानों तक राहत का लाभ पहुंचाने के लिए सहायता की गणना में अपडेटेड भूमि रिकॉर्ड इस्तेमाल करने की मांग रखी है। उनके अनुसार पुराने कृषि जनगणना आंकड़ों के आधार पर सहायता तय करने से कुछ पात्र किसान राहत से बाहर हो सकते हैं। उन्होंने सूखे की स्थिति का आकलन किए जा रहे अतिरिक्त तालुकों को भी केंद्रीय सहायता के दायरे में शामिल करने का अनुरोध किया है। इसके अलावा जलाशयों में कम पानी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था और वैकल्पिक बिजली की लागत के लिए भी सहायता बढ़ाने की मांग की गई है।
31 लाख से ज्यादा किसान परिवार प्रभावित होने का दावा
खड़गे ने अपने पत्र में 31 लाख से अधिक किसान परिवारों की आजीविका प्रभावित होने का उल्लेख किया है। उन्होंने केंद्र से राहत को लेकर जल्द फैसला लेने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी बताया कि इसी तरह का पत्र उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी भेजा है। इस बीच, कर्नाटक सरकार की ओर से सूखे से प्रभावित क्षेत्रों और फसल नुकसान को लेकर अलग-अलग आकलन जारी हैं। 1 अक्टूबर की राज्य सरकार से जुड़ी रिपोर्टों में 177 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किए जाने और बड़े क्षेत्र में फसल नुकसान का उल्लेख किया गया है। खड़गे ने अपने पत्र में सूखा राहत को किसानों की तत्काल जरूरत से जोड़ते हुए केंद्र से कर्नाटक की मांग पर शीघ्र विचार करने का अनुरोध किया है।
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