Kanwar Yatra 2026: आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। नए नियमों के मुताबिक, कांवड़ मार्ग पर चलने वाले म्यूजिक सिस्टम (डीजे) और कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। लाउडस्पीकर संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि इस निर्धारित सीमा का उल्लंघन किया गया, तो संबंधित डीजे ऑपरेटर के खिलाफ सीधे आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा। अकेले मेरठ जिले में ही नियमों की अनदेखी रोकने के लिए 250 से अधिक डीजे संचालकों को पहले ही कानूनी नोटिस थमा दिए गए हैं।
ढाबों और होटलों के लिए नई गाइडलाइंस
बताते चले कि, कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले सभी होटलों, रेस्तरां और ढाबों के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की ओर से जारी विशेष क्यूआर कोड (QR Code) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था के तहत हर प्रतिष्ठान को अपने बोर्ड पर संचालक का नाम और बिकने वाली खाने-पीने की वस्तुओं की निर्धारित रेट लिस्ट सार्वजनिक करनी होगी। शिव भक्त अपने मोबाइल से इस क्यूआर कोड को स्कैन करके सीधे दुकानदार का नाम और भोजन की प्रामाणिक कीमतें देख सकेंगे, जिससे तीर्थयात्रियों से वसूली या धोखाधड़ी की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
पुलिस प्रशासन की नई पहल
मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि इस वर्ष सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए ‘थानावार कांवड़ रजिस्टर’ तैयार किया जा रहा है, जिसमें यात्रा से जुड़ी हर महत्वपूर्ण सूचना दर्ज होगी। ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए डीजे की आवाज अधिकतम 75 डेसीबल (dB) तय की गई है। इसके साथ ही, म्यूजिक ऑपरेटरों के बीच किसी भी तरह की प्रतियोगिता पर प्रतिबंध रहेगा और वे केवल धार्मिक भजन ही बजा सकेंगे। किसी भी तरह के अश्लील या सांप्रदायिक भावना भड़काने वाले गानों पर पूरी तरह रोक रहेगी। अस्पतालों के नजदीक डीजे बजाने की सख्त मनाही है और उल्लंघनकर्ताओं पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 168 के तहत त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी की जाएगी।
पाकिस्तानी गैंगस्टर्स का साया
इस बार की कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खतरों को देखते हुए भी अपग्रेड किया गया है। पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और सरफराज डोगरा की पश्चिमी उत्तर प्रदेश (West UP) में बढ़ती संदिग्ध गतिविधियों के खुफिया इनपुट मिलने के बाद पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पूरे कांवड़ रूट की निगरानी हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से की जाएगी। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) और अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) की भारी तैनाती की जा रही है।
खुफिया एजेंसियों का महाजाल
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हरिद्वार से लेकर दिल्ली तक एक अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है। सुरक्षा रणनीति के तहत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को खुद कांवड़ियों की वेशभूषा में ‘अंडरकवर’ तैनात किया जा रहा है ताकि वे संदिग्ध तत्वों पर पैनी नजर रख सकें। इसके साथ ही, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), राज्य की खुफिया एजेंसियां और सेना की इंटेलिजेंस विंग (Military Intelligence) आपस में लगातार गोपनीय इनपुट साझा कर रही हैं। अधिकारियों को 15 जुलाई से पहले हर दूसरे दिन पूरे यात्रा मार्ग का औचक निरीक्षण कर सभी कमियों को दूर करने का आदेश दिया गया है।










