Kanshiram Birth Anniversary: कांशीराम की जयंती पर अखिलेश यादव का नमन, क्या बसपा के वोट बैंक में सेंधमारी की है तैयारी?

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अखिलेश ने सोशल मीडिया पर उन्हें "सामाजिक परिवर्तन का महानायक" बताते हुए नमन किया।

Kanshiram Birth Anniversary

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 15, 2026

Kanshiram Birth Anniversary: आज देश भर में बहुजन समाज के सशक्तिकरण के प्रणेता और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में हलचल तेज है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने उन्हें नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया।

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अखिलेश यादव का ‘PDA’ दांव और कांशीराम को नमन

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कांशीराम की जयंती पर अखिलेश यादव का नमन

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कांशीराम जी को “सामाजिक परिवर्तन का महानायक” बताते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए। अखिलेश का यह कदम राजनीतिक गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से अखिलेश यादव ‘पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक’ (PDA) के फॉर्मूले पर काम कर रहे हैं। पिछले लोकसभा चुनावों में इस रणनीति ने सपा को बड़ी सफलता दिलाई थी।

अखिलेश जानते हैं कि उत्तर प्रदेश की सत्ता की राह दलितों के समर्थन के बिना अधूरी है। यही कारण है कि वे अब दलित महापुरुषों की विरासत को अपनाने और उनके विचारों को आगे बढ़ाने में काफी सक्रिय दिख रहे हैं, ताकि बसपा से छिटक कर सपा के पास आया दलित वोट बैंक स्थिर बना रहे।

मायावती और आकाश आनंद ने किया याद

बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने गुरु और राजनीतिक मार्गदर्शक कांशीराम को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा कि कांशीराम जी ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की विचारधारा को देश के कोने-कोने में जीवित किया। मायावती ने कहा कि मान्यवर ने अपना पूरा जीवन वंचित समाज को ‘सत्ता की मंजिल’ तक पहुँचाने के लिए समर्पित कर दिया। बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने भी उन्हें नमन किया, जो यह दर्शाता है कि बसपा नई पीढ़ी के बीच कांशीराम जी के संघर्षों को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने भी सराहा

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांशीराम जी को सामाजिक न्याय की लड़ाई का एक प्रेरणादायी स्तंभ बताया। वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा ने उन्हें दलितों और शोषितों की “प्रखर आवाज” करार दिया।

विपक्ष के इन बयानों से स्पष्ट है कि 2026 के राजनीतिक परिदृश्य में मान्यवर कांशीराम के विचार केवल एक दल तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे ‘सामाजिक न्याय’ की राजनीति का एक साझा मंच बन चुके हैं।

कांशीराम की जयंती पर उमड़ा यह ‘श्रद्धा का सैलाब’ केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि इसके गहरे राजनीतिक निहितार्थ हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जिस तरह से सपा और कांग्रेस दलित महापुरुषों के प्रति आदर दिखा रहे हैं, उसने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एक नई बिसात बिछा दी है। मान्यवर का ‘बहुजन’ नारा आज एक बार फिर भारतीय राजनीति के केंद्र में है।

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