Kanpur News: गरीबों के पैन कार्ड पर बनाईं कंपनियां और किया करोड़ों का लेन-देन, कानपुर पुलिस ने किया बड़े रैकेट का खुलासा

कानपुर पुलिस ने ₹3,200 करोड़ के कथित हवाला नेटवर्क के मुख्य संदिग्ध महफूज अली को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह गरीब लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी कंपनियां चलाता था। डकैती के एक मामले की जांच के दौरान इस बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हुआ।

Kanpur News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 8, 2026

Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में पुलिस ने एक ऐसे बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है जो फर्जी कंपनियों और नकली दस्तावेजों के सहारे अरबों रुपए के कथित हवाला लेन-देन को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने इस मामले के मुख्य संदिग्ध, महफूज अली उर्फ ‘पप्पू छुरी’ को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट ने लगभग ₹3,200 करोड़ से अधिक का अवैध वित्तीय लेन-देन किया है।

डकैती की जांच से खुला ‘हवाला’ का बड़ा राज

बताते चले कि, इस पूरे नेटवर्क का खुलासा साल की शुरुआत में श्याम नगर क्षेत्र में हुई एक डकैती के मामले की जांच के दौरान हुआ। 16 फरवरी को मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने नकदी ले जा रहे दो लोगों से लूटपाट की थी। हालांकि पीड़ितों ने शुरुआत में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी, लेकिन पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जब छह आरोपियों को पकड़ा और ₹11 लाख बरामद किए, तो कड़ियां जुड़ती चली गईं। जांच के दौरान पुलिस को जजमऊ निवासी महफूज अली से जुड़े मुखौटा कंपनियों (Shell Companies) के एक बड़े जाल का पता चला।

गरीब लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग और फर्जी कंपनियां

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के अनुसार, यह गिरोह गरीब और सीधे-सादे लोगों को लोन, बीमा योजना और आर्थिक सहायता का लालच देकर फंसाता था। आरोपी उनके पैन (PAN) और अन्य विवरण जुटा लेते थे और फिर उन्हीं के नाम पर फर्जी कंपनियां बना दी जाती थीं। इन दस्तावेजों के जरिए न केवल जीएसटी पंजीकरण कराए गए, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों में बैंक खाते भी खोल दिए गए। इन खातों का इस्तेमाल करोड़ों रुपए इधर से उधर करने के लिए किया जाता था।

निखिल कुमार की शिकायत से खुली ‘रवि एंटरप्राइजेज’ की पोल

धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला तब सामने आया जब पेंटर निखिल कुमार ने शिकायत दर्ज कराई। निखिल ने आरोप लगाया कि उनके नाम पर बिना उनकी जानकारी के ‘रवि एंटरप्राइजेज’ नामक कंपनी बना ली गई। जांच में पता चला कि महज 6 महीनों के भीतर इस फर्जी कंपनी के खाते से ₹7.75 करोड़ का लेन-देन हुआ था। इसके अलावा पुलिस ने मां विंध्यवासिनी, आरती, राजा और अफीफा एंटरप्राइजेज जैसी कई अन्य फर्जी कंपनियों की पहचान की है। केवल एक मामले में तो ₹146 करोड़ के लेन-देन का अनुमान लगाया गया है।

पुलिस की संयुक्त टीम की बड़ी सफलता

मुख्य आरोपी महफूज अली को पकड़ने में चकेरी पुलिस, साइबर सेल और सर्विलांस यूनिट की संयुक्त टीम ने अहम भूमिका निभाई। महफूज अली मूल रूप से कबाड़ और मांस के व्यापार से जुड़ा है, लेकिन पर्दे के पीछे वह इस भारी-भरकम वित्तीय नेटवर्क को संचालित कर रहा था। पुलिस अब इस मामले में अन्य सहयोगियों और बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत की भी जांच कर रही है ताकि इस ₹3,200 करोड़ के ‘हवाला’ रैकेट की पूरी सच्चाई सामने आ सके।