Kanpur Lucknow Expressway: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण लगभग 4700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे उद्घाटन के महज 13 दिन के भीतर ही धंस गया है। इस घटना के सामने आने के बाद करोड़ों रुपये की लागत से बने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की निर्माण गुणवत्ता पर तीखे सवाल खड़े हो गए हैं। गौरतलब है कि इस हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का भव्य उद्घाटन बीते 13 जुलाई 2026 को देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से किया था।
सपा मीडिया सेल ने वीडियो शेयर कर सरकार को घेरा
सामने आए वीडियो के अनुसार, कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर उन्नाव के कोरारी के पास भारी बारिश के चलते मिट्टी खिसक गई, जिसकी वजह से सड़क का एक हिस्सा बुरी तरह धंस गया और वहां लंबी-लंबी गाड़ियां कतारों में खड़ी नजर आईं, जिनमें पानी भी भरा दिखाई दिया। इस मामले का वीडियो समाजवादी पार्टी के आधिकारिक मीडिया सेल द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। सपा ने सरकार पर करारा प्रहार करते हुए लिखा कि जनता के खून-पसीने की कमाई से बने इस मेगा प्रोजेक्ट का यह हाल महज 12-13 दिनों के भीतर सामने आ गया है, जो भाजपा सरकार में व्याप्त भीषण भ्रष्टाचार और सरकारी धन की लूट को बेनकाब करता है।
निर्माण एजेंसी ने शुरू किया पैच वर्क और मरम्मत कार्य
मामले के तूल पकड़ने के तुरंत बाद हरकत में आई निर्माण एजेंसी ने फौरन मोर्चा संभालते हुए क्षतिग्रस्त सड़क का मेंटिनेंस और पैच वर्क का काम शुरू कर दिया। निर्माण एजेंसी की ओर से सफाई दी गई है कि जहां-जहां बारिश के कारण मिट्टी धंसने से सड़क खराब हुई थी, वहां त्वरित मरम्मत कर स्थिति को सामान्य कर दिया गया है। वहीं, इस राजनीतिक विवाद पर पलटवार करते हुए सदर विधायक ने समाजवादी पार्टी के तीखे हमलों का जवाब दिया और कहा कि विपक्ष के पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने तर्क दिया कि नई बनी सड़कों पर भारी बारिश के दौरान ऐसी तकनीकी दिक्कतें आ जाती हैं, जिन्हें तुरंत दुरुस्त कर लिया जाता है, लेकिन विपक्ष छोटी-छोटी समस्याओं को तूल देकर पूरी व्यवस्था को बदनाम करने में जुटा है।
63 किलोमीटर लंबा और 6-लेन का हाई-स्पीड कॉरिडोर
आपको बता दें कि यह लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कुल 63 किलोमीटर लंबा और 6-लेन का एक हाई-स्पीड एक्सेस-कंट्रोल एक्सप्रेसवे है, जिसके शुरू होने से दोनों औद्योगिक महानगरों के बीच की दूरी तय करने में लगने वाला समय 2 से 3 घंटे से घटकर महज 35 से 40 मिनट रह गया था। जनता को सुगम यातायात देने के दावे के साथ शुरू हुए इस एक्सप्रेसवे के इतने कम समय में धंसने से न सिर्फ इसके निर्माण मानकों पर बदनुमा दाग लग गया है, बल्कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में और अधिक गरमाने के पूरे आसार हैं।










