Kangana Ranaut Statement: भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने हाल ही में उन्हें लगातार ट्रोल किए जाने के मामलों पर बेहद बेबाकी से जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि हम जिस तरह से अपनी निजी जिंदगी जीते हैं और अपने परिवार के बच्चों को जो संस्कार व सीख देते हैं, ये वही मजबूत सिद्धांत हैं जिनकी बदौलत उन्हें आज समाज में भारी सफलता, मान-सम्मान, रुतबा, दौलत और शोहरत हासिल हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल अपने परिवार तक ही नहीं, बल्कि देश के अन्य बच्चों के लिए भी इन्हीं नैतिक सिद्धांतों की वकालत करती हैं।
परिवार और समाज के लिए एक समान नियम और कैमरे के पीछे की सच्चाई
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कंगना ने जोर देकर कहा कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि उनके अपने घर-परिवार के बेटे-बेटियों के लिए कोई अलग नियम हों और बाकी आम लोगों के बच्चों के लिए अलग मानक तय किए गए हों। उन्होंने यह भी साफ किया कि वे अपने घर के भीतर भी बिल्कुल वही बातें और विचार साझा करती हैं, जिन्हें वे कैमरे के सामने सार्वजनिक रूप से रखती हैं। आलोचकों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा कि यदि किसी को भी उनके इन विचारों पर कोई आपत्ति है, तो वे अपनी मर्जी के मुताबिक जो चाहें कर सकते हैं और फिर देख सकते हैं कि वे अपनी जिंदगी में किस मुकाम पर पहुंचते हैं।
लोगों को अपनी राह चुनने की स्वतंत्रता
विवादों के बीच अपनी बात रखते हुए कंगना रनौत ने कहा कि उन्होंने अपने बयानों में सिर्फ वही बातें साझा की हैं जो उनके अपने निजी जीवन और संघर्ष में कारगर साबित हुई हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह संभव है कि किसी अन्य व्यक्ति के जीवन में सफलता के लिए कुछ अलग चीजें या अनुभव काम आए हों, लेकिन वे दूसरों के अनुभवों की जगह सिर्फ अपनी बात रख सकती हैं। उन्होंने जनता से कहा कि यदि उनके विचार लोगों को सही और तर्कसंगत लगते हैं, तो वे उन्हें अपने जीवन में अपना सकते हैं, अन्यथा हर कोई अपनी पसंद के अनुसार सही रास्ता चुनने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।
खुद को ‘कॉकरोच’ कहने वाले प्रदर्शनकारियों पर कंगना की तीखी टिप्पणी
इस पूरे विवाद की जड़ में कंगना रनौत का वह पुराना और तीखा बयान था जिसमें उन्होंने खुद को “कॉकरोच” कहने वाले प्रदर्शनकारियों का खुलकर जिक्र किया था। कंगना ने कड़े शब्दों में कहा था कि भारत विभिन्न प्रकार के खूबसूरत और सभ्य लोगों का देश है जो अपनी शालीनता और गहरी सांस्कृतिक समझ से जुड़े हुए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि जो लोग खुद को कॉकरोच कहते हैं और बिल्कुल वैसी ही हरकतें व बर्ताव करते हैं, उनके आचरण में कोई विरोधाभास नहीं है, बल्कि वे दुनिया के सामने अपनी खुद की गंदगी, कचरा और बदसूरती ही परोस रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन करने वाली हिंदू महिलाओं पर गुस्सा
अपने बयानों की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए कंगना ने यह भी खुलासा किया कि सोशल मीडिया पर इन तमाम प्रदर्शनों और रील्स को लगातार देखकर उनका मानसिक सुकून प्रभावित हुआ है और वे काफी परेशान हो चुकी हैं। उन्हें अब इस मानसिक तनाव से उबरने के लिए ‘डिजिटल डिटॉक्स’ की सख्त जरूरत महसूस हो रही है। इसके अलावा, एक अन्य बेहद विवादित टिप्पणी में अभिनेत्री से राजनेता बनीं कंगना ने अपना सारा गुस्सा उन “हिंदू महिलाओं” पर भी निकाला जो सड़कों पर उतरकर इस तरह के विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से शामिल हो रही थीं।










