BMC Election Result: मुंबई की राजनीति में आए बड़े बदलाव और बीएमसी चुनावों में बीजेपी-शिंदे गठबंधन की जीत के बाद बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस जीत को ‘न्याय’ करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बधाई दी। कंगना ने कहा कि यह जीत उन लोगों के लिए एक सबक है जिन्होंने सत्ता का दुरुपयोग कर निर्दोषों को परेशान किया।
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उद्धव गुट की हार को कंगना ने बताया ‘दैवीय न्याय’
बताते चले कि, नगर निकाय चुनावों के नतीजों पर खुशी जाहिर करते हुए कंगना रनौत ने शिवसेना (UBT) की हार को व्यक्तिगत न्याय से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सत्ता के अहंकार में आकर उनका घर गिराया था, आज जनता ने उन्हें ही सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। कंगना के अनुसार, मुंबई नगर निगम से उद्धव ठाकरे गुट का दशकों पुराना वर्चस्व खत्म होना इस बात का प्रमाण है कि अन्याय की उम्र लंबी नहीं होती।
पुराना विवाद और बीएमसी की कार्रवाई
आपको बता दे कि, कंगना रनौत के लिए बीजेपी की यह जीत महज एक चुनावी आंकड़ा नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जीत है। साल 2020 के उस विवाद को याद करते हुए कंगना ने कहा कि जब बीएमसी पर शिवसेना का पूर्ण नियंत्रण था, तब उनके मुंबई स्थित ऑफिस पर बुलडोजर चलाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें गालियां दी गईं और महाराष्ट्र छोड़ने की धमकियां दी गईं। अभिनेत्री ने तंज कसते हुए कहा, “आज महाराष्ट्र ने ही उन लोगों को छोड़ दिया है।”
पीएम मोदी और फडणवीस की प्रशंसा की
एक निजी न्यूज़ चैनल से बातचीत में कंगना रनौत ने इस जीत को ‘भगवा लहर’ का पुनरुत्थान बताया। उन्होंने इस ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कुशल रणनीतिक नेतृत्व को दिया। कंगना ने कहा कि मतदाताओं ने महिला-विरोधी ताकतों, गुंडों और ‘भाई-भतीजावाद माफिया’ को करारा जवाब देकर यह साफ कर दिया है कि मुंबई अब बदलाव चाहती है।
बीएमसी पर कब्जे के सियासी मायने
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की सत्ता पर काबिज होना किसी भी पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का विषय होता है। 74,400 करोड़ रुपये से अधिक के विशाल वार्षिक बजट के साथ, यह एशिया का सबसे अमीर नगर निकाय है। मुंबई की सड़कों, स्वास्थ्य सेवाओं और नागरिक प्रशासन पर नियंत्रण रखने वाली इस संस्था पर जीत दर्ज करना बीजेपी के लिए वित्तीय राजधानी में अपने राजनीतिक वर्चस्व को सिद्ध करने जैसा है।
मुंबई की नई राजनीतिक दिशा
बीएमसी के इन नतीजों ने न केवल उद्धव ठाकरे की राजनीतिक ताकत को चुनौती दी है, बल्कि कंगना रनौत जैसे विरोधियों को भी हमला करने का मौका दे दिया है। बीएमसी पर बीजेपी और शिंदे गुट का नियंत्रण अब मुंबई के विकास कार्यों और भविष्य की परियोजनाओं में एक नया मोड़ लेकर आएगा, जिससे ‘ठाकरे ब्रांड’ की राजनीति के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है।










