Kangana Ranaut: बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने हाल ही में अभिनेत्री और मंडी सांसद कंगना रनौत पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, “इग्नोर करिए न… कंगना-चखना… ये सब तो चटनी हैं।” इस बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया।
Bihar Rajya Sabha Election: राजद की टेंशन बढ़ी, बिहार में दो कांग्रेस विधायक हुए लापता
कंगना रनौत का पलटवार

कंगना रनौत ने पप्पू यादव के इस बयान को महिला-विरोधी सोच करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी नाराज़गी जाहिर करते हुए लिखा कि महिलाओं के खिलाफ इतनी अभद्र भाषा का इस्तेमाल अस्वीकार्य है। कंगना ने कहा कि उन्हें “चखना” या “चटनी” कहना महिलाओं को अपमानित करने जैसा है।
उन्होंने आगे लिखा कि विपक्ष ने उनके खिलाफ अपमानजनक और गंदी गालियों की बौछार कर दी है। कंगना ने कहा कि वह एक फिल्म निर्माता, लेखिका और अभिनेत्री हैं, लेकिन विपक्ष उन्हें मनोरोगी या चखना/चटनी तक सीमित कर रहा है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब उन्होंने फिल्मों में कदम रखा था, तब महिलाओं को केवल आइटम सॉन्ग तक सीमित कर दिया जाता था। अब समय आ गया है कि इस महिला-विरोधी सोच को चुनौती दी जाए।
जानें क्या है पूरा मामला
दरअसल, कंगना रनौत ने मीडिया में बयान जारी कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को “टपोरी” कहा था। उनका कहना था कि संसद में राहुल गांधी का व्यवहार ऐसा लगता है जैसे गली का कोई टपोरी हो। कंगना ने आरोप लगाया कि संसद में मौजूद महिलाएं उनसे असहज महसूस करती हैं। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी थी कि वे अपनी बहन प्रियंका गांधी से तमीज और नैतिक मूल्य सीखें।
कंगना के इस बयान का विपक्ष ने जमकर विरोध किया। इसी क्रम में पप्पू यादव ने भी उन्हें निशाना बनाया और विवादित टिप्पणी की।
कंगना रनौत और पप्पू यादव के बीच यह विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का मुद्दा बन गया है। कंगना ने इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मामला बताया है और कहा है कि अब समय आ गया है कि महिला-विरोधी मानसिकता को चुनौती दी जाए। वहीं विपक्ष का कहना है कि कंगना के बयान ने राहुल गांधी का अपमान किया था, जिसके जवाब में प्रतिक्रिया दी गई।









