Kalyan Singh Death Anniversary: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ने के आसार हैं। बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह की पुण्यतिथि को लेकर पूरे प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की है। पार्टी के पिछड़ा वर्ग मोर्चा की ओर से 21 अगस्त को प्रदेश के सभी जिलों में अलग-अलग कार्यक्रम किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए बीजेपी न सिर्फ कल्याण सिंह के योगदान को याद करेगी, बल्कि समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी कई मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रही है।
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सभी जिलों में होंगे कार्यक्रम
बीजेपी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल के मुताबिक, कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में साफ-सफाई अभियान, दीप प्रज्वलन और विचार गोष्ठियां प्रमुख रूप से शामिल होंगी।
पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से इन कार्यक्रमों में कल्याण सिंह के राजनीतिक जीवन, उनके सामाजिक योगदान और पिछड़े वर्ग के लिए किए गए कार्यों को जनता के सामने रखा जाएगा। बीजेपी का उद्देश्य इन कार्यक्रमों के जरिए कल्याण सिंह की विरासत को याद करने के साथ-साथ पार्टी के राजनीतिक संदेश को भी मजबूत करना है।
सपा से पूछा जाएगा ये सवाल
बीजेपी ने इस मौके पर समाजवादी पार्टी से जुड़े कुछ पुराने मुद्दों को भी उठाने की तैयारी की है। पार्टी का कहना है कि कल्याण सिंह को पिछड़े वर्ग का बड़ा नेता माना जाता था, ऐसे में उनकी अंतिम यात्रा और अंत्येष्टि में सपा नेताओं की कथित गैरमौजूदगी पर सवाल खड़े किए जाएंगे। बीजेपी पूछेगी कि जिस पार्टी की राजनीति पिछड़े वर्ग के सम्मान और अधिकारों की बात करती है, उसके नेताओं ने कल्याण सिंह की अंत्येष्टि में हिस्सा क्यों नहीं लिया था।पार्टी इस मुद्दे को लेकर अखिलेश यादव को सीधे निशाने पर लेने की तैयारी में है।
राम मंदिर आंदोलन का मुद्दा भी उठेगा
कल्याण सिंह का नाम राम मंदिर आंदोलन से भी जुड़ा रहा है। बीजेपी की ओर से उस दौर की घटनाओं को भी चुनावी और राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाए जाने की तैयारी है। पार्टी राम भक्तों पर गोली चलाए जाने के पुराने मुद्दे को उठाकर समाजवादी पार्टी से जवाब मांगने की कोशिश करेगी। इसके अलावा अहिल्याबाई होल्कर से जुड़े मुद्दे और उनके नाम पर संचालित संस्थान के नाम में बदलाव को लेकर भी सपा पर निशाना साधा जाएगा।बीजेपी का आरोप है कि समाजवादी पार्टी पिछड़े वर्ग के महापुरुषों के सम्मान की बात तो करती है, लेकिन उनके प्रति व्यवहार में विरोधाभास दिखाई देता है।
अखिलेश के NDA वाले दावे पर भी पलटवार
इस बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के NDA के सहयोगी दलों को लेकर किए गए दावे पर भी बीजेपी गठबंधन की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। अपना दल (एस) के कार्यकारी अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री आशीष पटेल ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी सिर्फ सोशल मीडिया पर ट्वीट और रीट्वीट की राजनीति में विश्वास नहीं करती। उन्होंने दावा किया कि अपना दल जनता के बीच काम करने और गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े रहने में भरोसा रखता है।
दरअसल, अखिलेश यादव ने दावा किया था कि बीजेपी आगामी चुनाव में सहयोगी दलों को सीटें बांटने की रणनीति बना रही है। उन्होंने अलग-अलग सहयोगी दलों के लिए संभावित सीटों का आंकड़ा भी बताया था।
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यूपी में तेज होगी सियासी बयानबाजी
कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर होने वाले कार्यक्रमों के जरिए बीजेपी जहां पिछड़े वर्ग के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी, वहीं सपा पर पुराने राजनीतिक मुद्दों को लेकर हमला भी तेज कर सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।










