Kakori Train Action : काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ पर सीएम योगी ने शहीदों को किया नमन

काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने काकोरी के वीर क्रांतिकारियों के बलिदान को याद किया। आखिर काकोरी ट्रेन एक्शन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में इतना महत्वपूर्ण क्यों था और आज इसकी विरासत कैसे याद की जा रही है?

Kakori Train Action

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 9, 2026

Kakori Train Action :  लखनऊ में काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काकोरी शहीद स्मारक पहुंचकर अमर क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया। इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया गया।

क्रांतिकारियों के बलिदान को किया याद

मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 अगस्त 1925 को काकोरी में भारत माता के वीर सपूतों ने ब्रिटिश शासन को खुली चुनौती दी थी। पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, चंद्रशेखर आजाद और राजेंद्र प्रसाद लाहिड़ी जैसे क्रांतिकारियों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनका उद्देश्य अंग्रेजी शासन की गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर भारत को स्वतंत्र कराना था।

काकोरी घटना को मिला नया सम्मान

सीएम योगी ने कहा कि ब्रिटिश शासन ने काकोरी की घटना को डकैती का नाम दिया था, जबकि क्रांतिकारियों का उद्देश्य देश की आजादी था। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में भी लंबे समय तक इस घटना के नायकों को उचित सम्मान नहीं मिला। अब काकोरी की घटना को ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ के नाम से सम्मान दिया जा रहा है और क्रांतिकारियों के नाम पर डाक टिकट तथा संस्थानों के नाम रखे जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की सराहना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आजादी के नायकों को सम्मान देने का काम तेज हुआ है। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़े पंच तीर्थों के विकास तथा वीर सावरकर, राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खां से जुड़े स्मारकों के कार्यों का उल्लेख किया।

युवाओं को इतिहास से जोड़ने की अपील

सीएम योगी ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को अपने स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों के इतिहास से परिचित कराना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने गांव, क्षेत्र और जिले के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों की जानकारी जुटाएं और उनसे जुड़ी सामग्री को सुरक्षित रखें। उन्होंने शहीद स्मारकों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण में भी भागीदारी का आह्वान किया।

देश की एकता को बताया जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की गुलामी के पीछे आपसी फूट और षड्यंत्र भी बड़ी वजह रहे। आज भी जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने की कोशिशें होती हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर भी लोगों को सतर्क किया और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की अपील की।

शहीदों की स्मृति में हुए कई कार्यक्रम

काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी से जुड़े वर्षभर के आयोजनों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को जीवित रखने के लिए विभिन्न कार्यक्रम किए गए। काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े परिवारों तथा देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया।

हर घर तिरंगा और राष्ट्रभावना का संदेश

सीएम योगी ने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा, जब प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र सर्वोपरि की भावना होगी। उन्होंने मातृभूमि, भारतीय भाषाओं और स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा फहराने और संस्थानों में वंदे मातरम् के गायन का भी आह्वान किया।

उपमुख्यमंत्रियों ने भी शहीदों को किया नमन

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान के कारण देश को अंग्रेजी शासन से मुक्ति मिली। वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आजादी की लड़ाई में समाज के हर वर्ग ने योगदान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को हमेशा याद रखने का संकल्प लेने की अपील की।

नई पीढ़ी तक पहुंचे काकोरी का संदेश

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि काकोरी की धरती देश के अमर बलिदानियों के त्याग की गवाह है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के महान नायकों और राष्ट्रीय गौरव का संदेश नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शहीदों के परिजनों, छात्र-छात्राओं और अन्य गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।

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