JPSC News: पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य का PA गिरफ्तार, इंटरव्यू के लिए 40 लाख वसूली का आरोप

JPSC भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच CID ने पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य के PA बीएन राम को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उम्मीदवारों से करीब 40 लाख रुपये लेकर इंटरव्यू में अंक प्रभावित कराने का भरोसा दिया गया। अब जांच एजेंसी रकम के स्रोत और लाभार्थियों का पता लगा रही है।

JPSC News

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 17, 2026

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JPSC News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने JPSC की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के निजी सहायक (PA) बीएन राम को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने JPSC में इंटरव्यू मैनेज कराने के नाम पर एक व्यक्ति से कथित तौर पर 40 लाख रुपये की वसूली की थी। इस गिरफ्तारी के साथ ही JPSC अनियमितता मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या 22 हो गई है।

इंटरव्यू मैनेज करने के नाम पर 40 लाख लेने का आरोप

जांच एजेंसी के अनुसार, बीएन राम पर आरोप है कि उसने JPSC की चयन प्रक्रिया में साक्षात्कार को प्रभावित करने का भरोसा देकर बड़ी रकम हासिल की। कथित तौर पर इंटरव्यू मैनेज कराने के एवज में 40 लाख रुपये की मांग और वसूली की गई। CID अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस रकम का इस्तेमाल कहां और किसके लिए किया गया। जांच में आरोपी के संपर्कों और कथित लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।

अजिता भट्टाचार्य से भी हुई लंबी पूछताछ

बीएन राम की गिरफ्तारी से पहले CID ने JPSC की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य से भी पूछताछ की थी। एजेंसी ने उन्हें समन जारी कर जांच में शामिल होने के लिए बुलाया था। उनसे कथित परीक्षा अनियमितताओं और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर सवाल किए गए। अजिता भट्टाचार्य झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय महासचिव और वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी हैं।

9 अगस्त को अजिता ने छोड़ा था पद

अजिता भट्टाचार्य JPSC की सदस्य रह चुकी हैं और उन्होंने 9 अगस्त को अपने पद से इस्तीफा दिया था। परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर जारी विवाद और CID की जांच के बीच उनका इस्तीफा सामने आया। इसी दिन JPSC के दो अन्य सदस्यों अनिमा हंसदा और जमाल अहमद ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। तीनों की नियुक्ति सितंबर 2021 में आयोग के सदस्यों के तौर पर हुई थी।

सात आरोपियों की तलाश में CID की छापेमारी

इससे पहले झारखंड CID ने राज्य के अलग-अलग जिलों में बड़े स्तर पर छापेमारी की थी। कार्रवाई का उद्देश्य JPSC की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े सात आरोपियों के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को लागू करना था। एजेंसी की टीमों ने रांची, पलामू, बोकारो, हजारीबाग और गिरिडीह समेत कई स्थानों पर संदिग्धों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी थी।

कई जिलों में वांछित आरोपियों की तलाश

CID के अनुसार, वांछित आरोपियों में रांची जिले के आदित्य पांडे और पवन कुमार सिंह शामिल हैं। इसके अलावा पलामू से रविशंकर कुमार और संतोष कुमार सिंह, बोकारो से सानंद प्रकाश, हजारीबाग से लालू कुमार यादव और गिरिडीह से सौरव कुमार पांडे की तलाश की जा रही है। हालांकि, इन ठिकानों पर हुई छापेमारी के दौरान किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।

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तीन JPSC सदस्यों से हुई पूछताछ

तीन पूर्व सदस्यों के इस्तीफे के बाद CID ने उनसे पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। अजिता भट्टाचार्य से 10 अगस्त को पूछताछ की गई, जबकि जमाल अहमद से 12 अगस्त को एजेंसी ने सवाल किए। अनिमा हंसदा को भी जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। CID इस पूरी प्रक्रिया के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही है कि कथित अनियमितताओं में आयोग के अंदर और बाहर किन लोगों की भूमिका रही।

पूर्व JPSC चेयरमैन भी हो चुके गिरफ्तार

इस मामले में CID इससे पहले JPSC के पूर्व चेयरमैन को भी गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी ने 10 अगस्त को उन्हें हिरासत में लिया था। वह 1988 बैच के IAS अधिकारी रहे हैं और पिछले वर्ष फरवरी में मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद JPSC के चेयरमैन नियुक्त किए गए थे। उन्होंने कथित अनियमितताओं के बीच 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

चार बार हो चुकी थी पूर्व चेयरमैन से पूछताछ

CID के अनुसार, पूर्व चेयरमैन से 28 जुलाई के बाद चार बार पूछताछ की जा चुकी थी। जांच एजेंसी ने कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में उनके आधिकारिक आवास समेत कई स्थानों पर तलाशी भी ली थी। तलाशी अभियान से एक दिन पहले उन्होंने JPSC चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया था। अब मामले में नई गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा और बढ़ता नजर आ रहा है।

CID की जांच में बढ़ रही कार्रवाई

JPSC परीक्षा विवाद की जांच के दौरान लगातार हो रही गिरफ्तारियों और पूछताछ से संकेत मिल रहे हैं कि CID चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। बीएन राम की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी अब कथित 40 लाख रुपये की वसूली, इंटरव्यू मैनेज करने के आरोप और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच करेगी। आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे या गिरफ्तारियां होने की संभावना बनी हुई है।

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