JP Morgan Sex Scandal : दिग्गज अमेरिकी बैंकिंग संस्थान जेपी मॉर्गन चेस एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। इस बार मामला एक पूर्व बैंकर द्वारा अपनी सीनियर महिला अधिकारी पर लगाए गए यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोपों से जुड़ा है। 35 वर्षीय पूर्व बैंकर चिरायु राणा ने मैनहैटन सुप्रीम कोर्ट में अपनी वरिष्ठ अधिकारी लोर्ना हजदिनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। राणा के दावों ने बैंकिंग सेक्टर में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि उन्होंने न केवल यौन उत्पीड़न बल्कि नस्लीय भेदभाव और नशीली दवाएं देने जैसे बेहद गंभीर आरोप भी लगाए हैं। यह मामला साल 2024 की घटनाओं पर आधारित है, जिसकी नई फाइलिंग हाल ही में सार्वजनिक हुई है।
गवाहों के चौंकाने वाले बयान: ‘राणा पर सिर्फ मेरा हक है‘
इस कानूनी लड़ाई में दो प्रमुख गवाहों के बयान सामने आए हैं, जो राणा के दावों को मजबूती देते नजर आ रहे हैं। एक गवाह ने अदालत को बताया कि जब उसने सीनियर अधिकारी लोर्ना हजदिनी के व्यवहार पर आपत्ति जताई, तो हजदिनी ने कथित तौर पर कहा, “राणा पर सिर्फ मेरा हक है।” गवाह के अनुसार, चिरायु राणा इस पूरे घटनाक्रम के दौरान बेहद असहज और डरे हुए दिख रहे थे। गवाह ने राणा को यह कहते हुए भी सुना कि “मैं यह सब नहीं करना चाहता, कृपया रुक जाओ।” ये बयान इस बात की ओर इशारा करते हैं कि कार्यस्थल पर सत्ता का दुरुपयोग कर किस तरह दबाव बनाया गया था।
शारीरिक उत्पीड़न और मानसिक आघात: पीटीएसडी का शिकार हुए राणा
एक अन्य गवाह ने भी काम के माहौल को ‘नरक’ बताते हुए कहा कि उसने हजदिनी को राणा के साथ जबरदस्ती करते और शारीरिक रूप से करीब आने की कोशिश करते देखा था। इस निरंतर प्रताड़ना का राणा के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा है। नई अदालती फाइलिंग में एक हलफनामा शामिल किया गया है, जिसमें पुष्टि की गई है कि अक्टूबर 2024 में राणा को पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) का निदान किया गया था। उनके काउंसलर का एक आधिकारिक पत्र भी संलग्न किया गया है, जो इस बात की तस्दीक करता है कि वह इस सदमे से उबरने के लिए पेशेवर उपचार ले रहे हैं।
बैंक और आरोपी अधिकारी का कड़ा रुख: आरोपों को बताया पूरी तरह आधारहीन
दूसरी ओर, जेपी मॉर्गन बैंक और लोर्ना हजदिनी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। बैंक का कहना है कि उन्होंने इस मामले की आंतरिक जांच की थी, लेकिन उन्हें राणा के दावों की पुष्टि करने वाला कोई ठोस सबूत नहीं मिला। हजदिनी के वकीलों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनके मुवक्किल और राणा के बीच कभी भी किसी भी प्रकार का यौन या रोमांटिक संबंध नहीं रहा। उनके अनुसार, ये आरोप पूरी तरह झूठे हैं और व्यक्तिगत विद्वेष के चलते लगाए गए हैं। बैंक ने हजदिनी का बचाव करते हुए उन्हें जांच में पूर्ण सहयोग करने वाला बताया है।
जांच में नया मोड़: चैटबॉट और पिता की मौत से जुड़े विवाद
इस कानूनी लड़ाई में बैंक ने भी राणा पर पलटवार किया है। रिपोर्टों के अनुसार, बैंक ने आरोप लगाया है कि चिरायु राणा ने अपने पिता की मृत्यु को लेकर संस्थान को गुमराह किया था। इसके अलावा, बैंक का दावा है कि राणा ने बलात्कार से जुड़े कानूनी और प्रक्रियात्मक सवालों के लिए एआई (AI) चैटबॉट की सलाह ली थी। बैंक प्रबंधन का कहना है कि जहां एक तरफ लोर्ना हजदिनी ने जांच में पूरा साथ दिया, वहीं राणा ने सहयोग करने से इनकार कर दिया। अब यह मामला मैनहैटन की अदालत में है, जहाँ सच और झूठ का फैसला दस्तावेजों और गवाहों की जिरह के आधार पर होगा।
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