Mrityunjay Tiwari Resignation: आरजेडी का पतन शुरू? जीतन राम मांझी के ‘जातिवाद’ वाले वार से मचा बवाल

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आरजेडी पर हमला बोलते हुए इसे जातिवादी राजनीति का केंद्र बताया। मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि वहां शुद्ध राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है। साथ ही, उन्होंने राहुल गांधी के युवा अभियान को नाटक बताया और पीएम मोदी की नीतियों को युवाओं के हित में सराहा।

Mrityunjay Tiwari Resignation

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 17, 2026

Mrityunjay Tiwari Resignation: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शुक्रवार को गयाजी स्थित अपने पैतृक आवास महकार में माता-पिता की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी के पार्टी छोड़ने के फैसले का स्वागत करते हुए आरजेडी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि वह खुद आरजेडी से अलग हो सकते हैं, तो अन्य लोगों का वहां बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आरजेडी में सिर्फ जातिवादी और अनियमितता की राजनीति चलती है, और जो लोग शुद्ध राजनीति व धर्मनिरपेक्षता में यकीन रखते हैं, उनके लिए उस पार्टी में कोई स्थान नहीं है।

राहुल गांधी के अभियान को बताया ‘महज नाटक’

बताते चले कि, युवाओं को लेकर राहुल गांधी द्वारा उत्तराखंड से शुरू किए गए अभियान पर जीतन राम मांझी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के प्रयासों को सिर्फ एक ‘नाटक’ करार दिया। उन्होंने दावा किया कि देश के युवाओं के भविष्य के बारे में केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंभीरता से सोच रहे हैं और ठोस कदम उठा रहे हैं। जीतन राम मांझी ने अपने एमएसएमई मंत्रालय का उल्लेख करते हुए बताया कि पीएम मोदी ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपते हुए स्पष्ट किया था कि यह उनके विजन का मंत्रालय है, जिसका उद्देश्य युवाओं और उद्यमिता को मजबूती देना है।

पुरी रथ यात्रा की घटना पर संवेदना और पितृ-प्रेम का इजहार

पुरी रथ यात्रा के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना, जिसमें एक श्रद्धालु की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए, पर मांझी ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने इसे एक व्यवस्था की चूक बताया और प्रभावितों के प्रति सहानुभूति जताते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वहीं, अपने निजी कार्यक्रम पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे पारंपरिक पूजा-पाठ में ज्यादा विश्वास नहीं रखते, लेकिन अपने माता-पिता के प्रति अटूट आस्था रखते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने माता-पिता की प्रतिमा अपने घर में इसलिए स्थापित की है ताकि वे जब भी घर से बाहर निकलें, उन्हें अपने पूर्वजों का स्मरण हो सके और वे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें।