Jitan Ram Manjhi: बिहार के गया (गयाजी) जिले से इस वक्त की एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी पर शुक्रवार (22 मई, 2026) की शाम एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान जानलेवा पथराव किया गया है। मंच पर भाषण देने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी इस हमले में बाल-बाल बच गए हैं, जबकि पत्थर उनके पीछे तैनात एक सुरक्षाकर्मी (अंगरक्षक) को जा लगा। इस अचानक हुए हमले से कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद पुलिस मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत हरकत में आई और घटना स्थल के बाहर से दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में ले लिया है।
स्कूल के कार्यक्रम में पहुंचे थे केंद्रीय मंत्री
यह पूरी वारदात गया जिले के खिजरसराय प्रखंड अंतर्गत सीसवर स्थित संत थॉमस इंग्लिश स्कूल की है। शुक्रवार की शाम इस विद्यालय परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी शामिल होने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआती कार्यक्रम बेहद शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था। मंच पर विद्यालय प्रबंधन और स्थानीय नेताओं की ओर से केंद्रीय मंत्री को पूरे आदर-सत्कार के साथ सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह के तुरंत बाद जीतन राम मांझी जैसे ही जनता और वहां मौजूद बच्चों-अभिभावकों को संबोधित करने के लिए पोडियम (माइक) के पास पहुंचे, तभी अचानक कार्यक्रम स्थल के बाहर से किसी ने मंच को निशाना बनाकर तेजी से पत्थर फेंका। पत्थर सीधे मंच पर गया और जीतन राम मांझी के ठीक पीछे खड़े उनके पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड (अंगरक्षक) को जाकर लगा। गनीमत रही कि पत्थर केंद्रीय मंत्री को नहीं लगा और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।
सुरक्षा घेरे में लिए गए मांझी
मंच पर पत्थर चलते ही केंद्रीय मंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया। वीआईपी सुरक्षा में तैनात खिजरसराय थाने की पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए उस दिशा में दौड़ लगाई जहां से पत्थर फेंका गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार्यक्रम स्थल के ठीक बाहर खड़े दो युवकों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
इन दोनों युवकों को तुरंत हिरासत में लेकर खिजरसराय थाने ले जाया गया है, जहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पथराव के पीछे इन युवकों का व्यक्तिगत आक्रोश था या फिर यह किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस मामले पर पुलिस प्रशासन या खुद जीतन राम मांझी की ओर से कोई आधिकारिक लिखित बयान जारी नहीं किया गया था।
5 दिन पहले समधन विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर भी हुआ था हमला
गया में जीतन राम मांझी के परिवार और पार्टी नेताओं पर हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। ठीक 5 दिन पहले यानी 17 मई, 2026 को जीतन राम मांझी की समधन और बाराचट्टी विधानसभा सीट से ‘हम’ पार्टी की विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर भी जानलेवा हमला हुआ था। विधायक ज्योति मांझी जब मोहनपुर प्रखंड में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं, तभी असामाजिक तत्वों ने उनकी गाड़ियों के काफिले को निशाना बनाया था। उस मामले में भी बिहार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
सोशल मीडिया पर मिली थी धमकी
इस पथराव की घटना के बाद इंटेलिजेंस और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं, क्योंकि कुछ दिनों पहले ही केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को सोशल मीडिया पर खुलेआम भुगतने की धमकी दी गई थी। इंटरनेट पर वायरल हुए एक वीडियो में एक युवक ने धमकी भरे लहजे में कहा था कि “अभी तो सिर्फ समधन (ज्योति मांझी) पर हमला हुआ है, आगे उन पर (जीतन राम मांझी) भी हमला हो सकता है।” चौंकाने वाली बात यह है कि इस धमकी भरे वीडियो का संज्ञान लेते हुए गया पुलिस ने आज (शुक्रवार, 22 मई) सुबह ही उस आरोपी युवक को गिरफ्तार करने की सफलता की जानकारी मीडिया से साझा की थी। लेकिन इस गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद शाम को सचमुच केंद्रीय मंत्री पर पत्थर फेंक दिया गया। लगातार हो रही इन घटनाओं ने केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय पुलिस की खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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