
मुंबई
भारत में Jio IPO की खबरों के बीच जियो प्लेटफॉर्म के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने बड़ी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि भारत की करीब 99 परसेंट जनसंख्या टेलिकॉम कनेक्टिविटी के अंदर है. आने वाले दिनों में सैटेलाइट कनेक्टिविटी के चलते भारत के रिमोट एरिया, समुद्र और हवाई सफर में भी फायदा मिलेगा।
आकाश अंबानी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को दिए इंटरव्यू में कहा है कि जियो का विजन हर एक भारतीय को डिजिटल लाइफ से जोड़ना है. कंपनी का लक्ष्य हर जगह और हर चीज को बेहतरीन क्वालिटी और सबसे किफायदी कीमत पर कनेक्ट करना है।
आकाश अंबानी ने अपने इंटरव्यू में बताया है कि उनकी कंपनी भारत के लिए एक सॉवरेन लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट कंस्टेलेशन को डेवलप करने की संभावना का मूल्यांकन कर रही है. साथ ही कंपनी पार्टनरशिप पर भी विचार कर रही है।
लॉन्चिंग कई फैक्टर पर निर्भर करती है- आकाश अंबानी
अंबानी ने टाइमलाइन पर जवाब देते हुए कहा है की लॉन्चिंग टाइम लाइन कई फैक्टर पर निर्भर करेगी. इन फैक्टर में टेक्नोलॉजी का डेवलपमेंट और जरूरी अप्रूवल शामिल हैं. इसलिए अभी टाइम लाइन की जानकारी नहीं दी जा सकती है।
Elon Musk के पोस्ट से बवाल
Elon Musk ने हाल ही में X प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके कुछ सवाल खड़े किए और कहा था कि भारत में उनकी स्टारलिंक सर्विस को लॉन्चिंग में जानबूझकर देरी की जा रही है. बाद में उन्होंने अंबानी नाम का भी इस्तेमाल किया।
भारत सरकार ने तीन कंपनियों को दिया लाइसेंस
सरकार ने बयान जारी करके बताया कि भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन (SATCOM) के लिए अभी तीन कंपनियों को लाइसेंस दिया जा चुका है. इसमें स्टारलिंक, जियो का नाम शामिल है।
कम्प्टीशन के लिए तैयार है जियो
रिलायंस की तरफ से X प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया और बताया कि वे कम्पटीशन के लिए तैयार हैं. हालांकि भारत में सैटेलाइट बेस्ड सर्विस कब लॉन्च होगी, उसकी कोई टाइम लाइन सामने नहीं आई है।
सिक्योरिटी फेज पास करना जरूरी
अभी तीनों कंपनियों को सिक्योरिटी का फेज पास करना होगा, उसके बाद स्पेक्ट्रम की नीलामी की जाएगी. सभी अप्रूवल के बाद कंपनियां भारत में अपना ऑपरेशन शुरू कर सकेंगी।











