झारखंड हाईकोर्ट का कड़ा संदेश: ड्रग्स माफिया के खिलाफ सख्ती, बड़े गिरोहों पर कसें शिकंजा

रांची. झारखंड में नशीले पदार्थों के बढ़ते कारोबार पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि धरातल पर सख्त एक्शन दिखना चाहिए। NCB और CID मिलकर तोड़ें तस्करों का नेटवर्क अदालत ने सोमवार को स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), सीआइडी और झारखंड पुलिस को आपसी तालमेल (Coordination) के साथ काम करने की हिदायत दी। कोर्ट ने कहा कि जब तक ये एजेंसियां एक साथ मिलकर

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Published On :

अप्रैल 7, 2026

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रांची.

झारखंड में नशीले पदार्थों के बढ़ते कारोबार पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि धरातल पर सख्त एक्शन दिखना चाहिए।

NCB और CID मिलकर तोड़ें तस्करों का नेटवर्क
अदालत ने सोमवार को स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), सीआइडी और झारखंड पुलिस को आपसी तालमेल (Coordination) के साथ काम करने की हिदायत दी। कोर्ट ने कहा कि जब तक ये एजेंसियां एक साथ मिलकर कार्रवाई नहीं करेंगी, तब तक अंतरराज्यीय सिंडिकेट को तोड़ना मुश्किल होगा। सिर्फ छोटे मामलों से नहीं चलेगा काम, वित्तीय स्रोतों की हो जांच।

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खंडपीठ ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ड्रग्स के छोटे-मोटे मामलों तक सीमित रहने से इस समस्या का समाधान नहीं होगा। अदालत ने निर्देश दिया कि:-

  1. ड्रग्स नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों (Financial Sources) की गहन जांच हो।
  2. अवैध कारोबार के असली सरगनाओं (Kingpins) को गिरफ्तार किया जाए।
  3. बाहरी राज्यों से हो रही ड्रग्स सप्लाई की कड़ी से कड़ी जोड़ी जाए।

स्कूलों-कॉलेजों में जागरूकता और SOP पर जोर
सुनवाई के दौरान सीआइडी ने कोर्ट में दो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) पेश किए। अदालत ने सरकार को इन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने का आदेश दिया। साथ ही, युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान को तेज करने की जरूरत बताई। इसके साथ ही कोर्ट ने इस याचिका को निष्पादित कर दिया है। बता दें कि रांची और जमशेदपुर में तेजी से युवा पीढ़ी को ड्रग्स के कारोबारी अपने शिकंजे में ले रहे हैं। फौरी तौर पर पुलिस कार्रवाई करती है और सिंडिकेट अपना काम बदस्तूर करता रहता है।

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