Jhansi News: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से कूटनीतिक और राजनीतिक गलियारे को हैरान कर देने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक हाई-प्रोफाइल सरकारी कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अपने ही विधान परिषद सदस्य (MLC) यानी शिक्षक विधायक डॉ. बाबूलाल तिवारी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। प्रोटोकॉल और अनुशासन की धज्जियां उड़ाते हुए विधायक महोदय ने भरे मंच पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी में अपनी ही कुर्सी उठाकर फेंक दी और गुस्से में तमतमाते हुए मंच छोड़कर बाहर निकल गए। इस पूरी असहज कर देने वाली घटना का लाइव वीडियो वहां मौजूद किसी शख्स ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है और विपक्षी दलों को बैठे-बिठाए सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया है।
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मंच पर सीएम योगी दे रहे थे भाषण
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा हाई-वोल्टेज ड्रामा झांसी के दीनदयाल सभागार में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ के दौरान हुआ। मंच पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पोडियम के सामने खड़े होकर जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। पूरा सभागार मुख्यमंत्री के भाषण को ध्यान से सुन रहा था, लेकिन ठीक उसी समय मुख्यमंत्री के ठीक पीछे वीआईपी मंच पर बैठे शिक्षक विधायक डॉ. बाबूलाल तिवारी बेहद असहज और बेहद गुस्से में नजर आ रहे थे। देखते ही देखते उन्होंने अपनी मर्यादा खोई और मंच पर रखी प्लास्टिक की कुर्सी को हवा में उछालते हुए पीछे की तरफ फेंक दिया। कुर्सी फेंकने के तुरंत बाद वह कड़े कदमों से मंच की सीढ़ियां उतरकर बाहर की तरफ चले गए। राहत की बात यह रही कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पूरा ध्यान अपने संबोधन पर केंद्रित था, जिसके चलते उन्हें मंच के पीछे हुई इस अशोभनीय घटना की तुरंत भनक नहीं लग सकी और उनका भाषण बिना किसी रुकावट के जारी रहा।
जानिए आखिर क्यों भड़के माननीय
वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों, पत्रकारों और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे विवाद की मुख्य जड़ मंच पर की गई सीटिंग व्यवस्था (बैठने का प्लान) थी। प्रोटोकॉल के मुताबिक, एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी की कुर्सी मंच की अग्रिम पंक्ति (पहली लाइन) में वीआईपी नेताओं के साथ लगाई गई थी। लेकिन कार्यक्रम शुरू होने के बाद उनकी तय सीट पर कोई दूसरा स्थानीय रसूखदार नेता आकर बैठ गया, जिससे विधायक जी को पीछे की कतार में जाना पड़ा।
अपनी उपेक्षा से नाराज डॉ. तिवारी ने पीछे से अपनी कुर्सी उठाई और उसे जबरन आगे की लाइन में एडजस्ट करने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान मंच की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों (सिक्योरिटी स्टाफ) ने मुख्यमंत्री के सुरक्षा घेरे और प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उन्हें ऐसा करने से टोक दिया। सुरक्षाकर्मियों का टोकना माननीय विधायक जी के अहंकार को ठेस पहुंचा गया और उन्होंने गुस्से में आकर अपनी ही कुर्सी को फेंक दिया। हालांकि, राजनीतिक गलियारे में थू-थू होने के डर से कुछ ही मिनटों बाद वह शांत होकर वापस लौटे और चुपचाप पीछे की लाइन में लगी एक खाली कुर्सी पर बैठ गए।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
पूरी घटना के दौरान अनुशासन का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी और माननीयों की नाराजगी कैमरे में कैद हो गई। कार्यक्रम में मौजूद किसी पदाधिकारी या दर्शक ने इस पूरे घटनाक्रम का स्पष्ट वीडियो अपने मोबाइल कैमरे से रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान मंच पर हलचल मचती है और बाबूलाल तिवारी गुस्से में कुर्सी पटकते हैं। इंटरनेट पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग बीजेपी के आंतरिक अनुशासन और जन प्रतिनिधियों के इस अलोकतांत्रिक व्यवहार पर जमकर चटखारे ले रहे हैं और तीखे सवाल खड़े कर रहे हैं। फिलहाल संगठन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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