Jeffrey Epstein Case: ब्रिटेन की राजनीति और कूटनीतिक जगत से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। लंदन की मेट्रोपोलिटन पुलिस ने सोमवार को ब्रिटेन के पूर्व राजदूत और कद्दावर नेता पीटर मेंडेलसन को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई कुख्यात दिवंगत अमेरिकी अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ उनके विवादित संबंधों और सरकारी पद के दुरुपयोग के आरोपों के चलते की गई है। इस गिरफ्तारी ने न केवल ब्रिटिश सरकार की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल पैदा कर दी है। मेंडेलसन पर आरोप है कि उन्होंने पद की गोपनीयता भंग करते हुए संवेदनशील जानकारियाँ लीक की थीं।
गिरफ्तारी की वजह: संवेदनशील जानकारी साझा करने का गंभीर आरोप
मेट्रोपोलिटन पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 72 वर्षीय पीटर मेंडेलसन को उत्तरी लंदन स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। पुलिस का मुख्य आरोप यह है कि मेंडेलसन ने अपने कार्यकाल के दौरान जेफरी एपस्टीन को ऐसी गोपनीय सरकारी फाइलें उपलब्ध कराई थीं, जिनका इस्तेमाल आर्थिक और बाजार के हितों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता था। गौरतलब है कि यह गिरफ्तारी शाही परिवार के सदस्य प्रिंस एंड्रयू को हिरासत में लिए जाने के महज चार दिन बाद हुई है, जिससे स्पष्ट है कि ब्रिटिश जांच एजेंसियां एपस्टीन से जुड़े नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए सक्रिय हो गई हैं।
एपस्टीन के साथ पुराने रिश्ते: दोस्ती जो सजा के बाद भी जारी रही
पीटर मेंडेलसन और जेफरी एपस्टीन के संबंधों का इतिहास काफी पुराना और संदिग्ध रहा है। जाँचकर्ताओं को कुछ ऐसे ईमेल्स और दस्तावेज़ हाथ लगे हैं, जिनसे पता चलता है कि साल 2008 में जब एपस्टीन को यौन अपराधों का दोषी करार दिया गया था, उसके बावजूद मेंडेलसन ने उनसे संपर्क नहीं तोड़ा। इन्हीं विवादों के कारण सितंबर 2025 में उन्हें अमेरिका में ब्रिटेन के राजदूत के पद से अचानक हटा दिया गया था। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि एपस्टीन को दी गई जानकारियों के बदले मेंडेलसन को क्या लाभ मिला था।
तलाशी अभियान: लंदन और पश्चिमी इंग्लैंड के घरों पर छापा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मेंडेलसन के दो ठिकानों—लंदन और पश्चिमी इंग्लैंड स्थित घरों—पर सघन तलाशी अभियान चलाया है। जांच दल को संदेह है कि वहाँ से कुछ और डिजिटल सबूत या दस्तावेज़ मिल सकते हैं जो एपस्टीन फाइल्स की कड़ियों को जोड़ेंगे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, साल 2009 में जब मेंडेलसन सरकार में एक शक्तिशाली पद पर थे, तब उन्होंने बाजार को प्रभावित करने वाली संवेदनशील डेटा लीक की थी। एपस्टीन की फाइल्स से मिले सुरागों ने अब मेंडेलसन की मुश्किलों को कानूनी रूप से बहुत बढ़ा दिया है।
प्रधानमंत्री स्टार्मर पर उठे सवाल: गहराता राजनीतिक संकट
मेंडेलसन की गिरफ्तारी ने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार को रक्षात्मक मुद्रा में ला खड़ा किया है। विपक्ष अब सीधे प्रधानमंत्री को निशाने पर ले रहा है, क्योंकि मेंडेलसन को राजदूत नियुक्त करने का फैसला उन्हीं की सरकार का था। विपक्षी दलों का तर्क है कि मेंडेलसन की छवि पहले से ही विवादित थी, फिर भी उन्हें इतना महत्वपूर्ण पद क्यों दिया गया? इस घटनाक्रम ने जनता के बीच सरकार की पारदर्शिता और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आगे की कार्रवाई: क्या और भी बड़े नाम आएंगे सामने?
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और पूछताछ का दौर लंबा चल सकता है। प्रिंस एंड्रयू से 11 घंटों की लंबी पूछताछ और अब मेंडेलसन की गिरफ्तारी संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में एपस्टीन के ‘ब्लैक बुक’ से जुड़े कई और प्रभावशाली लोगों, राजनेताओं और व्यापारियों के नाम सार्वजनिक हो सकते हैं। ब्रिटिश कानून व्यवस्था इस समय भारी दबाव में है ताकि यह साबित किया जा सके कि कानून की नजर में कोई भी वीआईपी बड़ा नहीं है।
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