JEE Main 2026: जनवरी 2026 सत्र के लिए आयोजित जेईई मेन परीक्षा का परिणाम पहले 12 फरवरी तक आने वाला था, लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नई सूचना जारी कर बताया कि अब यह 16 फरवरी 2026 को घोषित किया जाएगा। एजेंसी का कहना है कि यह देरी छात्रों के हित में की जा रही है ताकि किसी भी आपत्ति की गहराई से जांच हो सके और परिणाम पूरी तरह निष्पक्ष रहे।
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आंसर-की पर आपत्तियों की जांच
आपको बता दें कि, एनटीए ने 6 फरवरी तक प्रोविजनल आंसर-की पर छात्रों से आपत्तियां मांगी थीं। काफी ज्यादा बड़ी संख्या में छात्रों ने कुछ सवालों के उत्तर को चुनौती दी। इन आपत्तियों को विशेषज्ञों की सीमिति के पास भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, कम से कम कुछ प्रश्न ऐसे है जिन्हें ड्रॉप किया जा सकता है। अंतिम निर्णय विशेषज्ञों की जांच के बाद ही होगा।
ड्रॉप प्रश्न का अर्थ
बताते चलें कि, जब किसी प्रश्न में ऐसी त्रुटि होती है जिसे ठीक करना संभव नहीं होता, जैसे गलत डेटा, भाषा की गड़बड़ी या टाइपिंग की गलती, तो उसे ड्रॉप कर दिया जाता है। इसका मतलब है कि वह प्रश्न पेपर से हटा दिया जाएगा। ऐसे में उस शिफ्ट में परीक्षा देने वाले छात्रों को उस प्रश्न के पूरे अंक दिए जाते हैं, चाहे उन्होंने उसे हल किया हो या नहीं। इससे किसी छात्र का नुकसान नहीं होता और निष्पक्षता बनी रहती है।
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छात्रों के हित को प्राथमिकता
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि परिणाम में देरी का उद्देश्य केवल पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करना है। एजेंसी नहीं चाहती कि जल्दबाजी में कोई ऐसा निर्णय लिया जाए जिससे छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़े। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं और यह उनके करियर की दिशा तय करती है, इसलिए निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
परीक्षा में भागीदारी और सुरक्षा

इस बार जेईई मेन के पहले सत्र के लिए 13,63,900 छात्रों ने आवेदन किया था, जिनमें से 13 लाख से अधिक ने परीक्षा दी। बीई और बीटेक कोर्स में प्रवेश के लिए परीक्षा पांच दिनों में दस शिफ्ट में आयोजित की गई। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रवेश से लेकर परीक्षा समाप्त होने तक हर चरण पर सख्त नजर रखी गई।
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तकनीक और पारदर्शिता
परीक्षा प्रक्रिया में तकनीक का पूरा उपयोग किया गया ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो। आंसर-की की जांच के बाद ही अंतिम परिणाम जारी किया जाएगा। यदि किसी शिफ्ट में प्रश्न ड्रॉप किया जाता है, तो उस शिफ्ट के सभी छात्रों को समान अंक दिए जाएंगे। इससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों कायम रहेंगे।
जेईई मेन सेशन 2 के लिए पंजीकरण
जेईई मेन 2026 के दूसरे सत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। छात्र 25 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं। पहले सत्र का परिणाम आने के बाद आवेदन में तेजी आने की उम्मीद है। आमतौर पर जिन छात्रों का पहले सत्र में अच्छा स्कोर आता है, वे दूसरे सत्र में शामिल नहीं होते। वहीं, जो छात्र दोनों सत्र में परीक्षा देते हैं, उनकी अंतिम रैंक बेहतर स्कोर के आधार पर तय की जाती है।









