Jauhar University Row: जौहर यूनिवर्सिटी पर संकट के बादल! ध्वस्तीकरण आदेश के बाद गरमाई सियासत, अरशद मदनी ने जताया विरोध

रामपुर विकास प्राधिकरण ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है। डीएम ने दावा किया कि यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवन अवैध हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अरशद मदनी ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए इसे कोर्ट के जरिए सुलझाने की अपील की है। समाजवादी पार्टी नेता आजम खान से जुड़े इस संस्थान का विवाद गहराता जा रहा है।

Jauhar University Row

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 19, 2026

Jauhar University Row: रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है, जिसने इलाके में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज कर दी है। इस विवादास्पद निर्णय के बाद विभिन्न वर्गों से प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। रामपुर की इस प्रमुख शैक्षणिक संस्था के अस्तित्व पर मंडराते संकट ने प्रशासन और यूनिवर्सिटी प्रबंधन के बीच टकराव को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।

मौलाना अरशद मदनी ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को बताया गलत

इस मामले पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष हजरत मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को पूरी तरह अनुचित करार देते हुए कहा है कि यदि कोई प्रशासनिक अनियमितता हुई है, तो उसका समाधान तोड़-फोड़ नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया होनी चाहिए। मौलाना मदनी का तर्क है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में अंतिम निर्णय अदालत के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि कानूनी उल्लंघन की स्थिति में जुर्माना लगाया जा सकता है, लेकिन किसी इमारत को गिराना पहला या एकमात्र विकल्प नहीं होना चाहिए।

रामपुर विकास प्राधिकरण ने स्वीकृत नक्शों के अभाव में लिया फैसला

जौहर यूनिवर्सिटी पर ध्वस्तीकरण की यह गाज तब गिरी है, जब रामपुर विकास प्राधिकरण ने इसके निर्माण को पूरी तरह से अवैध घोषित कर दिया है। प्राधिकरण का कहना है कि लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद और बिना स्वीकृत नक्शे के हुए निर्माण को आधार बनाकर यह कड़ा आदेश पारित किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि इस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान हैं, जो वर्तमान में जेल में बंद हैं। इस कारण से भी यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

प्रशासनिक खुलासे से मची सनसनी

इस पूरे विवाद की जड़ को स्पष्ट करते हुए रामपुर के डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए हैं। डीएम के अनुसार, यूनिवर्सिटी के भीतर कुल 40 भवनों का निर्माण किया गया है, जिनमें से मात्र 2 भवनों के नक्शे ही विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत हैं। बाकी के 38 भवनों का निर्माण बिना किसी वैध अनुमति या नक्शा पास कराए किया गया है, जिन्हें प्रशासन ने सीधे तौर पर अवैध निर्माण की श्रेणी में रखा है। डीएम का दावा है कि सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं और सुनवाई के बाद ही ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया है। वर्ष 2006 में स्थापित यह यूनिवर्सिटी अपनी स्थापना के बाद से ही अक्सर विवादों के केंद्र में रही है।